गोरखपुर। देश में महिलाओं की सबसे ज्यादा मौत गर्भाशय के मुख के कैंसर से होती है। विकासशील देशों में यह रोग सर्वाधिक है। देश में हर एक लाख में से 22 महिलाएं इससे ग्रस्त हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा सिर्फ छह है। यह जानकारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुधीर गुप्ता ने दी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में गोरखपुर मेनोपॉज सोसायटी की ओर से आयोजित सेमिनार में प्रोफेसर सुधीर ने बताया कि गर्भाशय के मुख के कैंसर से बचाव के लिए सफाई जरूरी है। अनियमित मासिक धर्म समेत इसके कई लक्षण हैं।
कभी-कभी यह लक्षण देर से सामने आते हैं। जागरूकता से ही इससे बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि 40 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को हर साल पेप्समीयर, काल्पोस्कोपी जांच करानी चाहिए। सेमिनार में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के गायनी विभाग की डॉ. निशा सिंह ने अंडाशय के कैंसर की जानकारी दी। बताया कि 20 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को पेट में अक्सर दर्द, कब्ज या गैस की शिकायत रहे तो डॉक्टर को अल्ट्रासाउंड जांच जरूर करानी चाहिए। ये अंडाशय के कैंसर के लक्षण हैं। यूपी फाग्सी की अध्यक्ष डॉ. सुधा निगम, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. राधा जीना, विभागाध्यक्ष डॉ. रीना श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वाणी आदित्य, डॉ. रीता सिंह, डॉ. अमृता जयपुरियार, डॉ. अराधना सिंह, डॉ. बबिता शुक्ला, डॉ. मधु गुलाटी मौजूद रहीं।