नंदन को मिठाई खिलाते पिता दुर्गेश सिंह और मां िस्मता सिंह।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश कृषि एवं प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा (यूपी कैटेट) में शहर के नंदन सिंह ने तीसरी रैंक हासिल की है। नंदन ने 2016 में 12वीं की परीक्षा पास की थी। वह तभी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस बार उन्हें अच्छी रैंक मिली है। कैटेट में सफल अभ्यर्थियों को यूपी के कानपुर, मेरठ, फैजाबाद और बांदा कृषि विश्वविद्यालय के बीएससी एग्रीकल्चर सहित अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है।
चरगांवा के नंदन ने 12वीं में मैथ और बायोलॉजी के साथ परीक्षा दी थी। इस वजह से वह मेडिकल, इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर की प्रतियोगी परीक्षाएं दे रहे हैं। उनका चयन ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) मेन में भी हुआ है। उनकी आल इंडिया रैंक करीब 23 हजार है। उन्होंने एमबीबीएस, बीडीएस में दाखिले के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट), एम्स का पेपर दिया है। सेलेक्शन की भी उम्मीद जताई है। यूपी कैटेट में तीसरी रैंक मिलने से नंदन उत्साहित हैं। उनका कहना है कि मेहनत का फल मीठा होता है लेकिन दाखिले पर अंतिम फैसला जून में लिया जाएगा। अभी मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजे आने हैं।
अच्छी रैंक मिली तो एमबीबीएस या फिर बीडीएस में दाखिला लेंगे। नंदन के पिता दुर्गेश कुमार आईटीआई चरगांवा में इलेक्ट्रिकल इंस्ट्रक्टर हैं। मां सुनीता कुमारी हाउस वाइफ हैं। बेटे की सफलता से माता-पिता उत्साहित हैं। पिता का कहना है कि नंदन ने दसवीं (10 सीजीपीए) और 12वीं (82.2 फीसदी) की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय खाद कारखाना से की है। बेटे ने यूपी में तीसरी रैंक लाकर परिवार और शहर का मान बढ़ाया है।