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‘शी मैटर्स’ पर इस साल होगा फॉग्सी का फोकस

Fri, 05 Jan 2018 07:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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टीबी मरीज। - फोटो : Amar Ujala
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फॉग्सी डे (फेडरेशन ऑफ ऑब्स एवं गाइनी सोसाइटीज ऑफ इंडिया दिवस) पर शनिवार को एक होटल में क्षय रोग पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन होगा। इसमें विशेषज्ञ बीमारी की पहचान और निदान के बारे में नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। यह जानकारी फॉग्सी की गोरखपुर अध्यक्ष डॉ. सुरहीता करीम एवं पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता दी। बताया कि संस्था ने इस साल की थीम ‘शी मैटर्स : केयर, एजुकेट एंड ट्रांसफार्म’ रखी है।
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गोरखपुर ऑब्स एवं गाइनी सोसाइटी (जीओजीएस) की अध्यक्ष डॉ. सुरहीता करीम ने बताया कि कार्यशाला में थीम के तहत देश में नारी महत्व को रेखांकित करते हुए बताया जाएगा कि अगर स्त्री को उचित देखभाल और शिक्षा मिले तो वो समाज और देश में तमाम सकारात्मक बदलाव ला सकती है। संस्था की सचिव डॉ. बबिता शुक्ला ने संस्था की ओर से इस वर्ष किए गए कार्य गिनाए। उन्होंने बताया कि शनिवार को होने वाली कार्यशाला में बीआरडी मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महिम मित्तल, टीबी एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग की विभागाध्यक्ष डॉ. रीना श्रीवास्तव जननांगों से संबंधित पर जानकारी देंगे। इस दौरान डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी, डॉ. अनुभा गुप्ता एवं डॉ. दीक्षा चतुर्वेदी मौजूद रहीं।

महिला, बच्चों के स्वास्थ्य सुधार का कार्यक्रम
छह जनवरी 1950 को मद्रास (अब चेन्नई) में गठित हुई फॉग्सी के 209 सदस्य संस्थाओं के 25 हजार से भी अधिक सदस्य देश की महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए निरंतर कार्यक्रम चला रहे हैं। फॉग्सी मुख्य रूप से स्त्री एवं प्रसूति रोगों के बचाव एवं उनके समुचित इलाज के लिए कार्य करती है। इसके अतिरिक्त फॉग्सी स्त्री रोग विशेषज्ञों के ज्ञानवर्धन व शोध कार्यों में सहयोग के साथ उनकी समस्याओं का निराकरण भी करती है।
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