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इस्लाम अमन और मोहब्बत का मजहब : मौलाना मकसूद

Thu, 23 Nov 2017 09:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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दर्स के मौके पर सजा नार्मल स्थित हजरत मुबारक खां शहीद का दरगाह। - फोटो : Amar Ujala
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नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद पर 12 दिवसीय महफिल-ए-सीरतुन्नबी दर्स के तीसरे दिन गुरुवार को मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी न होती तो बकरीद और ईद की खुशियां भी नहीं मिलती। ईद मिलादुन्नबी ईदों की ईद है। कुछ लोग और संगठन मुसलमान होने का दावा कर दहशतगर्दी फैला रहे हैं। वह इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। इस्लाम का दहशतगर्दी से दूर तक कोई वास्ता नहीं है। इस्लाम अमन और मोहब्बत का मजहब है। रसूल्लाह ने ईसाई, यहूदी सहित तमाम मजहब वालों के साथ बेहतरीन सुलूक किया। उसी का नतीजा है कि आज दुनिया में इस्लाम का बोलबाला है। इस्लाम तलवार के जोर पर नहीं बल्कि, अच्छे आमाल, इल्म, परेहजगारी से पूरी दुनिया में फैला। रसूल्लाह ने इंसानों को जीने का तरीका बताया।
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मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी हमारे लिए खास है। इस दिन इंसानों के रहनुमाई के लिए रसूलल्लाह तशरीफ लाए। इसलिए अल्लाह ने हमें बेहतरीन उम्मत के खिताब से नवाजा। इस मौके पर इंजीनियर फराज अहमद, दरगाह सदर इकरार अहमद, सचिव मंजूर आलम, अब्दुल अजीज, सैफ अली, मो. अजीम, कैश रजा, मो. इब्राहीम, मो. अशरफ, तारिक रजा, शहादत हुसैन, रमजान आदि मौजूद थे।

जुलूस-ए-मुहम्मदी दो को
पैगंबर हजरत मुहम्मद की यौम-ए-पैदाइश दो दिसंबर को मनाई जाएगी। इस मौके पर शहर में विभिन्न जगहों पर जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया जाएगा। सुबह फज्र की नमाज के बाद शहर की विभिन्न मस्जिदों पर परचम कुशाई की जाएगी।
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