अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा- 2017 गोरखपुर, देवरिया समेत बस्ती के केंद्रों पर रविवार को सुबह 10 बजे से संपन्न हुई। इनमें गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी जिलों के परीक्षार्थी पूरे उत्साह से शामिल रहे। भविष्य की सुनहरी लीक गढ़ने विद्यार्थी जिस उत्साह और आत्मविश्वास से परीक्षा केंद्रों पर जुटे, उससे यह अवसर युवा प्रतिभाओं की परख का उत्सव सा बन गया था। दृष्टिबाधित छात्र भी पीछे न रहे। उन्होंने राइटर की मदद से परीक्षा दी।
गोरखपुर में जंगल धूसड़ स्थित महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज और महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र बनाए थे। 90 मिनट की परीक्षा के लिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचने लगे थे। गोरखपुर में कुल 1606 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 892 परीक्षा में शामिल हुए। गोरखपुर में 26 दृष्टि बाधित परीक्षार्थियों ने भी पंजीकरण कराया था। सभी परीक्षा में मौजूद रहे। बस्ती में रोडवेज बस स्टैंड के निकट स्थित उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी में 292 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि यहां 466 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था। वहीं देवरिया में 321 विद्यार्थी पंजीकृत थे। वहां के खरजरवा स्थित कलिंद इंटरमीडिएट कॉलेज में हुई परीक्षा में 217 परीक्षार्थी शामिल हुए।
परीक्षा में काम आई तैयारी
छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। सवालों का जवाब देने में इसलिए परेशान नहीं होना पड़ा। बेहतर परिणाम की उम्मीद है, कुछ सवाल कठिन जरूर लगे, मगर तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं हुई होगी।
- आसिफ अंसारी, तुर्कपट्टी कुशीनगर
खुद उठा सकूंगी पढ़ाई का खर्च
यह परीक्षा हर वर्ष विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाने का काम करती है। छात्रवृत्ति के माध्यम से मैं खुद पढ़ाई का खर्च उठा सकूंगी। मम्मी-पापा को मेरी आगे की पढ़ाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- सृष्टि कुमारी, नंदानगर गोरखपुर
शानदार रहा अनुभव
पहली प्रतियोगी परीक्षा का शानदार अनुभव रहा है। भले इसमें सफलता न मिले पर आगे की परीक्षाओं में तैयारियां किस स्तर की हों, उसमें मदद जरूर मिलेगी। पेपर के सारे सवाल हल किए हैं। अच्छे नंबर की उम्मीद है।
- हर्षिता वर्मा, शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर
मैथ-इंग्लिश लगे आसान
मैथ और इंग्लिश के सवाल आसान लगे। पेपर मिलते ही सबसे पहले इस सेक्शन को हल किया। इस सेक्शन में ज्यादा नंबर मिलने की उम्मीद है। परीक्षा के लिए रोजाना चार घंटे की तैयारी की है। सफलता की उम्मीद है।
- सफिया, गोरखनाथ, गोरखपुर
विद्यार्थियों के लिए वरदान
परीक्षा आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए एक वरदान है। विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने और भविष्य को प्लान करने में ये छात्रवृत्ति मददगार होती है। बढ़िया पेपर हुआ, स्कालरशिप पाने की उम्मीद करता हूं।
- सुग्रीव कुशवाहा, पडरौना कुशीनगर
फार्म भरते ही शुरू की तैयारी
छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए फार्म भरने के बाद से ही तैयारियां शुुरू कर दी थीं। जनरल अवेयरनेस के साथ सब्जेक्ट पर विशेष फोकस रखा। फायदा भी मिला पेपर में कोई परेशानी नहीं हुई। इस छात्रवृत्ति से मम्मी-पापा का सपना पूरा करूंगा।
- सनिक कुमार मिश्रा, फरेंदा महाराजगंज
इनका रहा विशेष योगदान
जंगल धूसड़ स्थित महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज और महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को सफल बनाने में डॉ. प्रदीप कुमार राव, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. नंदन शर्मा, डॉ. राजेश शुक्ल, डॉ. विनय कुमार सिंह, डॉ. सुबोध मिश्रा, डॉ. मंजेश्वर, डॉ. शिव कुमार बर्नवाल समेत उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।
दृष्टि भले ही बाधित हो, जोश नहीं
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति से अपने सपनों में रंग भरने की लालसा लिए केंद्र पर 26 दृष्टिबाधित छात्र-छात्राएं भी परीक्षा में शामिल हुए। जोश से लबरेज इन विद्यार्थियों ने परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की बात कही। लालडिग्गी के रहने वाले दृष्टिबाधित अंकुश कुमार, श्रवण कुमार, द्वारिका ने बताया कि इस परीक्षा ने उनके भीतर प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी करने के लिए आत्मविश्वास को जगाने का काम किया है। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए वरदान है। बढ़िया प्रदर्शन से अपने सपनों को संजोने में मदद मिलेगी। दृष्टिबाधित विशाल, राजेश गौड़, हरभजन सिंह यादव, धमेंद्र पटेल, नीलू गौड़, दीपक गुप्ता, सुग्रीव प्रसाद, राम आशीष, सूरज कुमार अग्रहरी, रामचंद्र गौतम, अशोक कुुमार, शैलेंद्र, धमेंद्र पटेल ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना की है।
विद्यार्थियों का बढ़ता है मनोबल
महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप राव के मुताबिक यदि विद्यार्थी ऐसे आयोजनों में शिरकत करते हैं तो आगे उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में परेशानी नहीं होगी। उनका मनोबल बढ़ता है। अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा।