सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन व पारदर्शिता से कराए जाने की तैयारियां हो रही हैं। इस बार परीक्षार्थियों की सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश हैं। बिना सीसीटीवी कैमरा वाले किसी भी विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। बच्चों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आरओ भी विद्यालय को लगवाना होगा। केंद्र बनाए जाने के लिए आवेदन करने वाले विद्यालयों की जांच में विभाग जुट गया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाए जाने के मानकों में इस वर्ष बदलाव किया गया है। केंद्र बनने की योग्यता रखने वाले विद्यालयों से बोर्ड ने ऑनलाइन आवेदन मांगा था और वहीं से केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया पर मुहर लगा दी थी। केंद्रों के जांच की जिम्मेदारी डीआईओएस को सौंपी गई है। उन्हें विद्यालयों का सर्वे कर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। विभाग की मानें तो जिले में 163 विद्यालय संचालकों ने केंद्र बनाने के लिए आवेदन किया था। केंद्रों के जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सूत्रों की माने तो अभी तक 70 केंद्रों का टीम जांच कर चुकी है, लेकिन इसमें अधिकांश विद्यालय दिए गए मानक पर खरा नहीं उतर रहे हैं। इसमें बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने में अधिकांश विद्यालय पीछे बताए जा रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो केंद्र के निर्धारण में बड़ी बाधा उत्पन्न होगी। सीसी टीवी कैमरा के साथ बच्चों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था उलब्ध कराने के नियत से परीक्षा केंद्रों पर आरओ भी लगाने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में डीआईओएस डॉ.राजबहादुर मौर्य ने बताया है कि केंद्रों की जांच की जा रही है। केंद्र बोर्ड से ही निर्धारित होगा। रिपोर्ट बोर्ड को ऑनलाइन भेजा जा रहा है।