गोरखपुर।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ा है। गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी के अलग-अलग जिलों में 30 लाख राशन कार्ड फर्जी बनाए गए। इसके जरिये राशन माफिया करीब डेढ़ करोड़ लोगों का हक मार रहे थे। इसेे देखते हुए सरकार ने राशन सब्सिडी को सीधे बैंक अकाउंट में भेजने का फैसला किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यूपी के एक जिला, एक तहसील और एक नगर पंचायत का चयन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट सफल रहा तो यूपी के सभी जिलों में सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी।
नवरात्र में गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। अब सारा ध्यान सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली से भ्रष्टाचार मिटाने पर है। इसकी शुरूआत कर दी गई है। 30 लाख फर्जी राशन कार्ड भी निरस्त कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण, शहरी क्षेत्र में राशन की दुकानें इसलिए खोली गईं कि गरीबों को सस्ते दाम पर राशन मिल सके, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। राशन माफिया सक्रिय हो गए। माफिया कम दाम पर राशन उठाकर कालाबाजारी कर रहे थे। इससे महंगाई बढ़ रही थी। अब पूरी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। राशन की सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में भेजने की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड बनाने और दुकानों से राशन बांटने की जांच जारी है। अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद फर्जीवाड़े में शामिल अफसर, कर्मचारी और राशन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला बेहद गंभीर है। गरीबों के हक पर डाका डालने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।