गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड का सोमवार को संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (पीजीआई) के डॉयरेक्टर प्रो. राकेश कपूर ने निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बालरोग विभाग में उपलब्ध संसाधनों को भी देखा। वह शासन के निर्देश पर दो दिन मेडिकल कालेज में रुकेंगे और कमियों को दूर करने के लिए बीआरडी प्रशासन को सुझाव देंगे।
दोपहर बाद बालरोग विभाग का निरीक्षण करने पहुंचे प्रो. राकेश कपूर ने इलाज की व्यवस्था देखकर संतोष जताया। कहा कि बाल रोग विभाग में जो संसाधन उपलब्ध हैं वह शायद ही कहीं और हों, बस जरूरत है मैन पावर की। विभाग में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, इससे दिक्कत हो रही है। इतने ज्यादा मरीजों के लिए एक अलग इंस्टीट्यूट होना चाहिए। हालांकि कॉलेज में बन रहे पांच सौ बेड के बालरोग अस्पताल के बारे में बताने पर उन्होंने इसे अच्छी पहल बताया। एनआइसीयू, पीआइसीयू और सामान्य वार्डों का निरीक्षण करने के बाद प्रो. कपूर ने कहा कि मरीजों की संख्या के साथ ही तीमारदारों की भी भीड़ ज्यादा है। एक-एक मरीज के साथ छह-छह तीमारदार आते हैं, इसे कम करना होगा। यह जागरूकता से होगा। लोगों को बताना होगा कि अस्पताल में ज्यादा भीड़ का नुकसान उनके ही मरीज को है। भीड़ से एक तो अव्यवस्था फैलती है और दूसरे गंदगी संक्रमण का खतरा बना रहता है।