संतकबीरनगर। जिले की तीनों नदियां राप्ती, घाघरा और आमी उफान पर हैं। इससे एमबीडी बांध और घाघरा के बीच बसे 17 गांवों में पानी घुस गया है। ऐसे में ये लोग बंधे पर शरण लेने को मजबूर हैं। भरवतिया टोला और कंचनपुर तक जाने वाले संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया धंसने लगी है। पुलिया धंसी तो कई गांवों का संपर्क टूट जाएगा। करमैनी- बेलौली बांध पर पांच स्थानों पर राप्ती से रिसाव हो रहा है। इस कारण रिसाव स्थल के पास के गांवों के लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। आमी का पानी बेलहर ब्लॉक करीब दस गांव के सीवान तक पहुंच गया है। वहीं बसहिया निवासी चरवाहा पानी में डूब गया। वहीं सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई है।
पिछले दो दिनों से घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे बंधे और नदी के बीच बसे धनघटा क्षेत्र के कंचनपुर, कटहा, खैरगाड़, गायघाट, सरैया,खरैईया, ढोलबजा, भौवापार,गुनवतिया, सीयर कला, चकदहा, सियाराम अधीन, केवटहिया, आगापुर गुलरिहा, पटौवा समेत 17 ऐसे गांवों में पानी घुस गया है। इन गांवों के लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन ने नावें मुहैया कराईं हैं, इसके सहारे ही लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। बंधे पर पहुंचे लोगों को प्रशासन ने पॉलिथीन मुहैया कराई है। इन लोगों के भोजन, केरोसिन आदि की व्यवस्था का जिम्मा कोटेदार और प्रधान को दिया गया है। रामदेव ,खदेरु ,तूफानी आदि ने बताया कि घाघरा का पानी बृहस्पतिवार रात गांव में घुस गया। प्रशासन ने अभी तक समुचित व्यवस्था नहीं की है। मजबूरन लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे की है। एसडीएम रामजीवन ने बताया कि पानी घुसने वाले गांवों में छोटी- बड़ी कुल 11 नावें चल रहीं हैं। चार नावे सुरक्षित रखी गईं है जहां जरूरत होगी ,वहां भेजी जाएंगी। प्रभावित परिवारों का आंकलन कराया जा रहा है। बांध पर पहुंचने वाले परिवारों में पॉलीथीन वितरण की व्यवस्था की जा रही है। आटा, चावल , टाल, पूडी सब्जी, माचिस, मोमबत्ती, मिट्टी का तेल वितरण भी शनिवार को कराया जाएगा।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती के बढ़ते जलस्तर से करमैनी- बेलौली बांध पर नौगों, डुमरियावा बाबू, विशुनपुर के पास पांच जगहों पर बांध में रिसाव तेजी से हो रहा है। मजदूर रिसाव वाली जगहों पर गिट्टी ,बोरंग बालू डाल कर रिसाव को बंद करने का प्रयास कर रहे हैं। नौगों,जोरवा,विशुनपुर गांव के लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। वहीं बढ़या ठाठर,डुमरिया बाबू,बानडूमर,थरौली , बेलौली और खैरा गांव के लोग घर के घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं। बेलौली गांव में सुबह चार बजे राप्ती का पानी पहुंच गया। वहीं डीएम मार्कंडेय शाही और विधायक राकेश सिह बघेल ने बंधे पर पहुंचकर रिसाव स्थल की जानकारी ली और ईओ को बंधे को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया। एसडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी व तहसीलदार को राजस्व टीम के साथ बांध पर कैंप करने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि खतरे की आशंका को देखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
वहीं ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर पी सिंह यादव ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर 80 .81 मीटर है, जबकि घाघरा का जलस्तर 79 .70 मीटर है। राप्ती खतरे के निशान से एक मीटर 31 सेंटीमीटर और घाघरा 35 सेेंटीमीटर ऊपर बह रही है। राप्ती के करमैनी- बेलौली बांध पर पांच स्थानों पर रिसाव की सूचना है।
पुलिया बही हरदी- सांगठ का संपर्क टूटा
संतकबीरनगर। आमी के उफान ने बेलहर ब्लॉक क्षेत्र के करीब दस गांव के सीवान तक पानी पहुंच गया है। वहीं पिपरी गांव चारो तरफ से पानी से घिर गया है। बेलहर, नंदौर और बखिरा प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र के बसहिया, कुशहरा, लौकी मिश्र, किठिऊरी, रमवापुर, पिपरीबरडाड़,मलौली, औरहिया मंझरिया, पवरिहा, करदहा ,जल्लहिया, सुरसा चमनजोत, अकलोहना आदि गांवों के समीप पानी पहुुंच गया है। सिद्धार्थनगर जनपद के खेसरहा और बांसी को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने के कारण लोगों को आवागमन बाधित हो गया है। बसहिया गांव के लोगों ने बताया कि गांव के रहने वाले 55 वर्षीय राम कुमार यादव पुत्र वंशराज यादव सुबह नौ बजे भैंस चराने गए थे। उसी दौरान आमी में डूब गए। सूचना पर परिजनों व ग्रामीणों ने बहुत प्रयास किया, लेकिन अब तक पता नहीं चला। मौके पर राजस्व निरीक्षक अमित श्रीवास्तव, हल्का लेखपाल और पुलिस टीम के साथ तलाश में जुटे रहे, पर रामकुमार का पता नहीं चल सका। रामशंकर, हरिकेश,मनोज,कल्लू ,चन्द्रशेखर ने बताया कि अभी का पानी बढ़ रहा है। आमी के पानी का दबाव बढ़ने से सांगठ गांव के पास बनी पुलिया बह गई। जिससे भिटवा हरदी के रास्ते खलीलाबाद जाने वाला एक मात्र कम दूरी वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया। इससे भिटवा, डुमरिया, कुसुरुखुर्द, सौनौरा, सागठ, कुकुरडाड,मेलान खुर्द, बेलदारीपुर गांव के लोग प्रभावित हुए हैं।