मेंहदावल/ मगहर(संतकबीरनगर)। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से आमी, राप्ती और घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आमी उफान पर है। इससे नदी के किनारे बसे छह गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इससे इन गांवों के लोग सहमे हुए हैं। वहीं राप्ती और घाघरा के कमजोर बांध भी लोगों की बैचेनी बढ़ा दी है।
आमी उफान पर होने के कारण नदी के आसपास के गांव कुईंकोल, घनश्यामपुर, रसूलाबाद, इस्लामनगर, मोहद्दीनपुर और मोहम्मदपुर के लोग बाढ़ की आशंका से सहम हुए हैं। दुर्गेश, कोमल, पूर्व प्रधान शब्बीर अहमद, राम मिलन यादव, श्रीराम, श्रीभागवत, गजेंद्र यादव, अनिल, बरकत आदि का कहना है कि आमी का जलस्तर बढ़ने से वह काफी चिंतित हैं। अपनी फसल और जानवरों के चारे को लेकर अभी से चिंता सताए जा रही है। अगर बाढ़ आ गई तो किसानों का काफी नुकसान होगा।
वहीं राप्ती पर 19.200 किलोमीटर लंबे करमैनी-बेलौली तटबंध पर राप्ती का जलस्तर बरसात होते ही बढ़ने लगा है। तटबंध की सतह पर बरसात के कारण कीचड़ युक्त गड्ढे, रेनकट, झाड़-झंखाड़ दिखाई दे रहे हैं। रेनकट को भरने के लिए विभाग ने जेसीबी लगा रखी है, फिर भी तटबंध गड्ढों, रेनकट आदि से मुक्त नही हो पा रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नौगों, जोरवा, बढया ठाठर, विशुनपुर, बेलौली आदि स्थानों पर तटबंध से नदी का पानी सट गया है। बेलौली में आबादी क्षेत्र की तरफ धीरे-धीरे कटान हो रहा है। विभाग झांवा से भरी बोरी डालकर रोकथाम कर रहा है पर लगातार हो रही बारिश से नदी का बढ़ता जलस्तर तटबंध पर दबाव डाल रहा है। भले ही विभाग तटबंध को अभी तक सुरक्षित बता रहा है पर कमजोर तटबंध व जलस्तर का बढ़ाव लोगों को दहशत मे डाल रहा है। क्षेत्रीय निवासी सुरेश यादव, मानवेन्द्र प्रताप सिंह, कृष्णानंद तिवारी, अर्जुन यादव, संदीप सिंह आदि लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बाद भी यहां तैनात अधिकारी रात्रि विश्राम नहीं कर रहे। तटबंध पूरी तरह से जर्जर है। कई स्थानों पर पानी का दबाव तटबंध पर अभी से पड रहा है। लगातार बारिश हो रही है। ऐसे मे तटबंध की सुरक्षा व बढ़ता जलस्तर लोगों को दहशत मे डाल रहा है।
जूनियर इंजीनियर मनोज त्रिपाठी का कहना है कि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है। कहीं से भी तटबंध को काई खतरा नही है। पूरे तटबंध की सतत निगरानी की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ निरोधक कार्य कराये जा रहे है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। इसी तरह घाघरा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है ,वैसे अभी बांध और नदी के बीच में काफी फासला है, लेकिन बांध के किनारे बसे गांवों के लोग सहमे हुए है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन राजनाथ सिंह यादव ने बताया कि तीन दिन पहले राप्ती का जल स्तर 75 .05 मीटर था ,जो बढ़कर मंगलवार को 78 .20 मीटर हो गया। जबकि घाघरा का जलस्तर तीन दिनों के भीतर आधा मीटर बढ़ा है। वैसे जनपद में अभी कही कोई खतरा नहीं है।