गोरखपुर। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया ने बुधवार को श्री झूलेलाल सिंधी पंचायत भवन में बैठक कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंत्रिमंडल में सिंधियों के प्रतिनिधित्व की मांग की।
जीवत सिंह माधवानी ने सिंधी समाज की समस्याओं की सुनवाई न होने का आरोप लगाया और इसके निवारण के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व की मांग की, ताकि समाज के लोग सरकार तक अपनी आवाज पहुंचा सकें। केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं, जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है, हिंदू लड़कियों का अधेड़ के साथ विवाह कराया जा रहा है, इस पर सरकार एक्शन क्यों नहीं ले रही है। माधवानी ने मानवाधिकार आयोग से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
अज्जी लखमानी और कैलाश खटनानी ने सिंधियों के साहित्य अनुरक्षण के लिए 50 करोड़ रुपये देने की मांग की। नरेश करमचंदानी और नंद लखमानी ने मुख्यमंत्री से झूलेलाल जयंती पर रद्द किए गए अवकाश को बहाल करने की मांग रखी। इस मौके पर ओम प्रकाश, कमल कुमार, छत्रपाल लखमानी, शरद पंजवानी, गौरव खट्टर, गोवर्धन सावलानी, राजेश निभानी आदि उपस्थित रहे।