गोरखपुर।
अघोषित कटौती की शिकायतों पर शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री और पॉवर कार्पोरेशन के चेयरमैन की नाराजगी झेलने के बाद शनिवार को मुख्य अभियंता ने शहर के सभी उपकेंद्रों की जांच कराई। उपकेंद्रों की एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) जांच के साथ लॉगबुक की भी पड़ताल की गई है। मुख्य अभियंता ने जांच टीम से शहर में सात दिनों की बिजली सप्लाई का पूरा ब्योरा मांगा है। इस रिपोर्ट को वह चेयरमैन और ऊर्जा मंत्री को भेजेंगे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम के शहर में बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर ऊर्जा मंत्री और पॉवर कार्पोरेशन के चेयरमैन ने स्थानीय अधिकारियों को खूब फटकारा था। इसके साथ ही शहर में सप्ताह भर की हुई बिजली सप्लाई की जांच कराकर पूरी रिपोर्ट भेजने के लिए कहा था। इस पर शनिवार को मुख्य अभियंता एके सिंह ने 10 किलोवाट के कनेक्शन की रीडिंग लेने वाले छह कर्मचारियों की टीम बनाई और इन्हें विभाग के दो अभियंताओं के नेतृत्व में शहर के सभी उपकेंद्रों की जांच करने के लिए कहा। टीम ने शनिवार को सभी उपकेंद्रों पर पहुंचकर बिजली सप्लाई का ब्योरा जुटाया। इस दौरान न सिर्फ उपकेंद्र से हुई बिजली सप्लाई की एमआरआई जांच की गई बल्कि लॉगबुक पर दर्ज की गई सूचनाओं से भी इनकी मिलान की।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि लोकल लेवल पर शटडाउन दे दिए जाते हैं और इनका ब्योरा लागबुक में दर्ज नहीं होता। या इनकी सूचना अधिकारियों को नहीं दी जाती। जांच में ऐसी लापरवाही पकड़ में आ जाएगी। रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।