गोरखपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में अब किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन आदि पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने इसके पीछे दलील दी है कि कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के साथ ही एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी (ग्रामीण) समेत कई महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। राजस्व विभाग के कई अफसरों के दफ्तरों के साथ ही कोर्ट भी चलते हैं, जहां रोजाना कई वादों में सुनवाई होती है। सैकड़ों फरियादियों के साथ ही तमाम वादकारी जुटते हैं। ऐसे में आए दिन धरना प्रदर्शन और ज्ञापन आदि से काम में बाधा पहुंचती है। यह समस्या दूर करने के लिए कलेक्ट्रेट को साइलेंट जोन घोषित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को जरूरी कार्रवाई शुरू कर देने को कहा है।
डीएम राजीव रौतेला का कहना है कि कोई भी पीड़ित शांतिपूवर्क बिना भीड़ जुटाए उनसे या फिर कलेक्ट्रेट के सभी विभागों के अफसरों से अपनी समस्या कह सकता है। नौ से अधिक लोगों के साथ कोई ज्ञापन नहीं दे सकेगा। अगर कोई धरना-प्रदर्शन या ज्ञापन देना चाहता है तो उसे दो दिन पहले एडीएम (सिटी) से अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके लिए उन्हें प्रदर्शन स्थल, समय और लोगों की संख्या आदि की पूरी जानकारी आवेदन पत्र पर दर्ज करनी पड़ेगी। धरना, प्रदर्शन आदि के लिए विभिन्न स्थानों पर जगह तय की गई है। इन स्थानों पर ज्ञापन आदि लेने के लिए संबंधित मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई जाएगी। ये मजिस्ट्रेट मौके पर जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका निस्तारण कराएंगे। कलेक्ट्रेट में अगर कोई धरना, प्रदर्शन या भीड़ के साथ ज्ञापन देने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए डीएम ने कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज को सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक परिसर में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को भी यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी कलेक्ट्रेट परिसर में बिना अनुमति बैनर, पोस्टर, होर्डिंग आदि न लगा पाए।