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अल्लाह की बारगाह में किया सज्दा, मांगी अमन की दुआ

Fri, 23 Jun 2017 08:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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रोजेदारों ने मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ी। - फोटो : Amar Ujala
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मुकद्दस रमजानुल मुबारक के आखिरी जुमा (अलविदा) की नमाज छोटी-बड़ी सवा दो सौ से ज्यादा मस्जिदों में कौमा मिल्लत, मुल्क में अमन की दुआओं के साथ संपन्न हुई। नमाज में पढ़े जाने वाले खुतबों में माहे रमजान को अलविदा कह दिया गया। तमाम मस्जिदों में अलविदा के मौके पर जुमा का खुतबा व नमाज अदा की गई एवं नबी-ए-करीम पर सलातो सलाम पेश किया गया।
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रमजान के आखिरी जुमा की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद नमाजियों से भर गई। सुबह ही दूरदराज से लोग अलविदा की नमाज अदा करने पहुंच गए थे। मस्जिद की कमेटियों ने भी नमाजियों की तादाद ज्यादा होने के नाते विशेष इंतजाम किए थे। रमजान का आखिराी जुमा होने के कारण कुछ मस्जिदों में जगह कम पड़ गई। नमाजियों ने सड़कों पर दरी बिछाकर नमाज अदा की और अल्लाह की बारगाह में सजदा कर अमन की दुआ मांगी।

इस मौके पर गाजी मस्जिद गाजी रौजा में मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने भाईचारा बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि रमजान इसलिए आता है ताकि भाईचारा बढ़े। सदका-ए-फि त्र व जकात जल्द अदा कर दें। आने वाले 29 रमजान में शब-ए-कद्र की तलाश में इबादत कीजिए। अलविदा छोटी ईद है। इसे इबादत में गुजारिए। रमजान के बाकी बचे दिनों में अल्लाह को राजी करने की कोशिश कीजिए।
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मस्जिद खादिम हुसैन तिवारीपुर के इमाम हाफिज अफजल बरकाती ने कहा कि रमजान के आखिरी जुमा की नमाज के साथ ही इस माह के रुखसती का वक्त करीब आ गया है। हमें चाहिए कि खुदा की रजा में अपना सिर झुका दें। नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर के इमाम मौलाना मोहम्मद असलम रजवी ने कहा कि जिंदगी रमजान की तरह गुजारो। मौत बेशक ईद की तरह होगी। मस्जिद हसनैन घासीकटरा के इमाम हाफ ीज रज्जब अली ने शब-ए-कद्र में बेदारी कर इबादत की हिदायत दी। जामा मस्जिद रहमत नगर के पेश इमाम मौलाना अली अहमद ने रमजान के फ जायल बयान किए। उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि रमजान एक बेहतरीन माह है जिसमें खुदा की रहमत बढ़ जाती है। दुआएं कुबूल होती हैं। जामेनूर मस्जिद जफ र कालोनी में मौलाना रियाजुद्दीन कादरी ने कहा कि शब-ए-कद्र में जागकर इबादत करें। अपनी तकरीर में उन्होंने मुल्क की तरक्की में मुसलमानों के योगदान की भी चर्चा की।

इन मस्जिदों में इमामों ने पढ़ाई नमाज
गाजी मस्जिद गाजी रौजा में हाफि ज रेयाज अहमद, शेख झाऊं मस्जिद खुनीपूर में मौलाना फैजुल्लाह कादरी, रजा मस्जिद कसाई टोला में सूफ ी जावेद, दरगाह मुबारक खां शहीद मस्जिद में मौलाना मकसूद आलम, जामा मस्जिद रसूलपुर में मौलाना शादाब, मकबरे वाली मस्जिद बनकटी चक में मौलाना गुलाम दस्तगीर, मक्का मस्जिद मेवातीपुर में हाफि ज अंशारुल हक, रहमतनगर जामा मस्जिद में मौलाना अली अहमद, गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर में मौलाना मोहम्मद अहमद, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना असलम रजवीं, मस्जिद हसनैन घासीकटरा में हाफि ज रज्जब अली, खादिम हुसैन मस्जिद तिवारीपुर में हाफि ज अफ जल बरकाती सहित अन्य मस्जिदों के इमामों ने जुमातुल विदा का खुतबा दिया व नमाज पढ़ाई।
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