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मानसून नहीं आफत आएगी

Fri, 23 Jun 2017 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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शहर के कई इलाकों में जलभराव जैसी हालत है। - फोटो : Amar Ujala
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इस बार मानसून के साथ आफत बरसेगी। शहर के विभिन्न इलाके पानी में डूबेंगे। घंटे-दो घंटे बिजली गुल रहेगी। ऐसे में सड़कों के गड्डे हादसे की वजह भी बनेंगे। मानसून के पहले की बारिश ने शहर के हालात का आइना दिखा दिखा है। आधे घंटे की बारिश में शहर के वीआईपी इलाकों समेत आधे शहर में जलभराव ने सीएम सिटी के अधिकारियों की तैयारियां बयां कर दी है। ऐसे में इस बार बारिश से शहर के कई इलाके जलभराव की समस्या झेलेंगे। वहीं बिजली विभाग की लचर तैयारी भी लोगों की परेशानी बढ़ाने वाली है।
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ऐसा नहीं है कि शहर के अधिकारी शहर के इन हालातों से वाकिफ नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद समय रहते इन समस्याओं को दूर करने के लिए अब तक मुकम्मल इंतजाम नहीं किए गए हैं। रसूलपुर भट्टा की स्थिति इसे बयां करने के लिए काफी है। इस इलाके के कई लोग अपने घर में ताला लगाकर रिश्तेदारों के घर जाने लगे हैं। हिम्मत कर जो लोग ठहरे हुए हैं उन्हें घर के अंदर जाने के लिए बांस की लंबी सीढ़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। रसूलपुर भट्टा इलाके के कासिम ने बताया कि पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। 2008 में यहां घर बनवाया था, लेकिन सड़क बन जाने के बाद पानी का बहाव पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति यह हो गई कि लोग डोंगी (बड़ी टोकरी की बनी नाव) बनाकर घरों से निकलते हैं और काम पूरा कर उसी से घर लौट आते हैं। पानी निकालने के लिए नगर निगम के इंतजाम नाकाफी हैं। इसी कारण हल्की बारिश में ही रसूलपुर भट्टा, दरियाचक, पंचपेड़वा इलाका जलमग्न हो चुका है।

गीता प्रेस रोड पर माया टाकिज के दुकानदार सुजीत गौड़ ने कहा कि बारिश वास्तव में हमें डराती है। कई सालों से लगातार यह दिक्कत बनी हुई है। बरसात में पानी दुकान में घुस जाता है। पता नहीं नगर निगम के इंजीनियरों ने किस ढंग से सड़क, नालियां बनाई हैं कि पूरी सड़क पानी में डूबी रहती है, जबकि पास में ही राप्ती नदी में पानी के निकासी की व्यवस्था है। बारिश के बाद बिजली भी रुलाती है। रुस्तमपुर इलाके में बिजली के तार करीब 25 साल पुराने हो चुके हैं। अक्सर यहां तार टूटते हैं। इन्हें दुरुस्त करने में घंटे-डेढ़ घंटे शटडाउन लेना पड़ता है। इलाके के धर्मेंद्र यादव का कहना है कि बारिश शुरू होते ही इलाके की बिजली गुल हो जाती है और बारिश खत्म होने के घंटे भर बाद आपूर्ति बहाल की जाती है।
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नहीं हुई लालडिग्गी नाले की सफाई
- बारिश में साहबगंज बाजार, खूनीपुर, गीताप्रेस, नक्खास, रेती चौक, घंटाघर में काफी पानी भर जाता है। दुकानों में पानी घुसने से दुकानदारों, व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ता है। यह हर साल की स्थिति है। इसके बावजूद नगर निगम ने लाल डिग्गी चौक से रेती पुल तक के नाले की सफाई नहीं कराई। नाला सिल्ट से भरी हुई है। अब तो मानसून की बारिश भी होने वाली है। ऐसे में इस बार भी वार्ड के विभिन्न इलाके पानी में डूबेंगे। इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त से लेकर कमिश्नर तक से कहा जा चुका है, लेकिन कुछ नहीं हुआ है। संपवेल भी तब चलाया जाता है, जब बारिश का पानी दुकानों में घुस जाता है।
- संजीव सिंह ‘सोनू’, पार्षद, शेषपुर


जलभराव से निपटने के पर्याप्त इंतजाम
- बारिश से निपटने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जलभराव वाले चिह्नित जगहों पर पंप सेट लगाए जाएंगे। मोबाइल पंपसेट की भी व्यवस्था की गई है, जिन्हें जलभराव की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचा दिया जाएगा। सुपरवाइजर, अवर अभियंता, सहायक अभियंता समेत नगर निगम के अन्य अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। सभी पंप सेट और रेग्यूलेटर को चलवा कर चेक कर लिया गया है।
- रबीश चंद्र, प्रभारी नगर आयुक्त एवं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी


समस्या का निदान नहीं निकाल पाता निगम
- नगर निगम की वजह से हम आज इस स्थिति में हैं। पहले यहां इतना पानी इकट्ठा नहीं होता था, लेकिन कई इलाकों का पानी अब इसी ओर गिराया जाने लगा है।
- नइमुल्लाह, रसूलपुर भट्टा

घर बना लिए हैं, छोड़कर कहां जाएं
- काफी जोड़-तोड़ कर घर बनाए हैं। ठंड हो, गर्मी हो या बरसात, अब तो यही एक आसरा है। इसे छोड़कर कहां जाएं। अधिकारी लोग ही कुछ उपाय कर हमें इस परेशानी से निकालें।
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- अमीना खातून, रसूलपुर भट्टा
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