डुमरियागंज संसदीय सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष के आसार
जिप्पी के कांग्रेस से उम्मीदवार बनने पर मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज संसदीय सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बनते नजर आ रहे हैं।
प्रत्याशियों के नाम की घोषणा में अव्वल रही भाजपा के बाद रविवार को आफताब आलम को गठबंधन ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। आफताब करीब दो वर्षों से बसपा लोकसभा प्रभारी का दायित्व निभा रहे हैं जो गोरखपुर के पिपराइच विधानसभा के परसौना निवासी हैं। इन सबके बीच अब कांग्रेस पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। वजह अब तक कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। जबकि दो नामों की चर्चा पिछले तीन चार दिनों से बड़ी तेजी से हो रही है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस कार्यकर्ता भी सन्नाटे में है।
बस्ती मंडल की तीनों सीटें गठबंधन में बसपा के खाते में गई है। डुमरियागंज लोकसभा सीट से प्रबल दावेदार के रूप में आफताब आलम पिछले दो सालों से लोगों के बीच में हैं। इसका असर यह रहा कि बसपा शीर्ष नेतृत्व ने आफताब आलम को लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दिया। बातचीत के क्रम में उन्होंने बताया कि 19 सालों से बसपा की सदस्यता लेकर लोगों के बीच जुड़े रहे जिसका परिणाम प्रत्याशी के रूप में उन्हें मिला।
स्नातक और कंप्यूटर प्रोग्रामर की डिग्री उनके पास है। गठबंधन प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब लोगों की निगाहें कांग्रेस पर आकर टिक गई है। कांग्रेस में प्रत्याशियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इसकी वजह से कार्यकर्ता भी पूरी तरह से असमंजस में हैं। जहां दो दिन पहले पूर्व सांसद मो. मुकीम के नाम ने सोशल मीडिया से लेकर लोगों के बीच जोर पकड़ा था। वहीं, शनिवार की रात पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के नामों की कार्यकर्ताओं को असमंजस में ला दिया था। जबकि अब तक कांग्रेस आलाकमान की ओर से कोई भी सूची नहीं जारी की गई।
इस बीच डुमरियागंज से भाजपा के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के समर्थक भी कांग्रेस में शामिल होने के बाद टिकट पक्का होने का दावा सोशल मीडिया पर कर रहे हैं। लेकिन वहीं एक दिग्गज कांग्रेसी ने एक सिरे सेे यह बात खारिज कर दी है कि अब तक जिप्पी तिवारी कांग्रेस की सदस्यता नहीं ग्रहण किए हैं। ऐसे में कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायकों पर दांव खेला गया तो निश्चय ही समीकरण कुछ और ही होंगे। फिलहाल अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है।