गोरखपुर। नगर निगम के स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 के नतीजे घोषित हो गए। पांच से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की रैंकिंग में गोरखपुर नगर निगम देश के 425 शहरों में 226वें पायदान पर है। पिछली साल की तुलना में इस बार शहर की सफाई व्यवस्था थोड़ी सुधरी है। यही वजह है कि रैंकिंग में गोरखपुर ने 54 रैंक की छलांग लगाई है। वर्ष 2018 में शहर की 280वीं तथा 2017 में 314वीं रैंक थी।
चार कटेगरी में हुए सर्वे में नगर निगम को 5000 में से 2157.65 अंक मिले हैं। बुधवार को नई दिल्ली में बेहतर रैंक हासिल करने वाले शहरों के महापौर और अधिकारियों के सम्मान समारोह के बाद नगर निगमों की रैंकिंग जारी की गई। प्रदेश के 64 शहरों में गोरखपुर को 28वां स्थान मिला। सर्वे के मुताबिक शहरवासियों को सुविधा मुहैया कराने के मामले में निगम का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। सर्विस लेवल प्रोग्राम में निगम को 1250 में सिर्फ 174 अंक ही मिले हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर बीते 4 जनवरी से 31 जनवरी के बीच केन्द्रीय टीम ने सर्वे किया था।
किसमे कितने नंबर मिले
डायरेक्ट ऑब्जरवेशन- 1250/ 804
सिटिज़न फीडबैक- 1250/828.76
सर्विस लेवल प्रोग्रेस- 1250/174.88
सर्टिफिकेशन- 1250/350
पिछली बार मिली थी 280वीं रैंक
स्वच्छता सर्वे 2018 में गोरखपुर नगर निगम को 280 वीं रैंक मिली थी। 4000 अंकों पर हुए सर्वे में नगर निगम को 1766 अंक ही मिले थे। स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को लेकर बनी सर्विस लेवल श्रेणी में 1400 अंक में निगम को मात्र 255 अंक मिला था। सर्वे में 1400 अंक म्युनिसिपल डाक्यूमेंटेशन तो 1600 अंक सिटीजन फ ीडबैक पर था। इसमें भी निगम का प्रदर्शन खराब था। दोनों श्रेणी में निगम को एक हजार अंक भी नहीं मिल सका था। इसी तरह एक हजार अंकों के डायरेक्ट ऑब्जरवेशन में निगम 50 फ ीसदी अंक भी नहीं हासिल कर सका था।
पिछले साल की तुलना में इस बार काफी सुधार हुआ है। निगम 54 रैंक ऊपर आया है। सफ ाई व्यवस्था और दुरुस्त करने के लिए प्रत्येक वार्ड में अफसरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। खामियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा। - अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त