गोरखपुर। फर्जी फर्म तैयार करने के बाद जीएसटी नंबर हासिल करके व्यापार करने वालों के खिलाफ जांच में वाणिज्य कर विभाग ने करीब 181 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा पकड़ा है। विभाग ने इन सभी फर्मों का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वाणिज्य कर विभाग की जांच में लगातार फर्जी कंपनियां मिल रही हैं। राज्य मुख्यालय के निर्देश पर जोन मुख्यालय ने टीम गठित कर छह फर्मों की जांच कराई तो गड़बड़ी का खुलासा हुआ। हैकिंग या अन्य माध्यमों से जीएसटी में सेंध लगाने वाले जालसाजों ने शाहमारुफ की लगभग बंद चल रही फु टवियर की दुकान से 106 करोड़ का कारोबार कर लिया।
फ र्म महाराजा फु टवियर एजेंसी के नाम से पंजीकृत है, जबकि उनके जीएसटी नंबर व पते पर महाराजा ट्रेडर्स नाम से कारोबार किया गया है। वाणिज्य विभाग की टीम ने जब दुकान पर पहुंचकर जांच की तो दुकानदार ने ऐसे किसी व्यापार से इंकार कर दिया। बताया कि बीमारी की वजह से उनका कारोबार चौपट हो गया है। इसकी वजह से वह कोई रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं।
वहीं शहर के शिवनगर में केएस इंटरप्राइजेज नाम से पंजीकृत फ र्म ने 9.72 करोड़ का कारोबार किया है लेकिन टैक्स नहीं जमा किया। जांच की गई तो दिए गए पते पर फ र्म मौजूद ही नहीं थी। इसी तरह शाहपुर में स्टार इंटरप्राइजेज नाम से फ र्म का पंजीयन कराया गया था। पोर्टल से पता चला कि इसके नाम पर 10.30 करोड़ का कारोबार किया गया है। यह फ र्म भी दिए गए पते पर नहीं मिली। मोहरीपुर के डायमंड स्टील्स नाम से पंजीकृत फ र्म के नाम पर 42.48 लाख का कारोबार हुआ है। यह फ र्म भी मौके पर नहीं पाई गई।
मंडल के अन्य जिलों में भी करोड़ों की धांधली
53 करोड़ कारोबार, जांच हुई तो पता चला खानदान में किसी ने नहीं किया व्यापार
महराजगंज में गोपालपुर फ रेंदा के पते पर सीए इंटरप्राइजेज नाम की फ र्जी फ र्म का भी खुलासा हुआ है, इसने 52.98 करोड़ का कारोबार किया था। रिटर्न नहीं दाखिल किया गया था। जिस पते पर पंजीयन लिया गया था, उस परिवार में कभी कोई कारोबारी ही नहीं रहा है। कुशीनगर में जगदीशपुर पिड़रा में जेएस इंटरप्राइजेज नाम से पंजीकृत फ र्म से कोई कारोबार नहीं हुआ लेकिन इसी पैन नंबर पर एक और फ र्म पंजीकृत कराई गई, जिसने 57 लाख का कारोबार कर लिया। दोनों फ र्म फ र्जी पाई गईं। देवरिया शहर में तहसील रोड के पते पर राप्ती इंटरप्राइजेज नाम की फ र्म का पंजीयन जीएसटी में कराया गया था। यह भी मौके पर नहीं पाई गई। इसी पैन नंबर पर दो और फ र्म पंजीकृत की गई थी, जिनमें एक कानपुर व दूसरी असोम के पते पर है। दोनों फ र्मों ने 1.25 करोड़ का कारोबार किया है।