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सख्ती की-मौका भी दिया, फिर भी 158 सफाई कर्मचारी नदारद

Sun, 07 Oct 2018 12:49 AM IST
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। शहर की खराब सफाई व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की तीखी टिप्पणी के बाद कमिश्नर और डीएम की सख्ती। 24 घंटे की मोहलत भी। बावजूद इसके 793 नियमित सफाई कर्मचारियों में से 158 सफाई कर्मचारी नदारद रहे। जिला प्रशासन की ओर से इनके बारे में किए गए सवालों का नगर निगम भी ठीक जवाब नहीं दे सका।
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प्राइवेट की तुलना में बड़ी संख्या में नियमित सफाई कर्मचारियों के अनुपस्थित होना बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि एडीएम (प्रशासन) के नेतृत्व में इस बात की जांच होगी कि अनुपस्थित नियमित और प्राइवेट सफाई कर्मचारियों की नौकरी सिर्फ कागजों पर ही तो नहीं चल रही। गड़बड़ी मिली तो दोषियों को बख्श नहीं जाएगा।

हाल ही में शहर आए मुख्यमंत्री को कई जगह गंदगी दिखी थी। इसपर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। एक कार्यक्रम में मंच से भी व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी की। इसके बाद हरकत में आए कमिश्नर अमित गुप्ता और डीएम ने नगर निगम की बैठक बुलाने के साथ ही सफाई कर्मचारियों की गिनती के लिए कलेक्ट्रेट में उनकी परेड कराई थी। दो प्राइवेट फर्म में से हिंदुस्तान सिक्योरिटी एजेंसी के 1000 में से 876 और विशाल सिक्योरिटी के 852 में से सभी सफाई कर्मचारी उपस्थित मिले थे। दो अक्टूबर को काम पर रहने की वजह से निगम के नियमित सफाई कर्मियों की शनिवार को गिनती होनी थी।

13 फर्मों के 80 सफाईकर्मी भी नदारद रहे

सड़क की सफाई कराने वाली 13 फर्मों के भी 80 से ज्यादा सफाई कर्मचारी शनिवार को गिनती में अनुपस्थित पाए गए। इनमें मेसर्स सुभाष सिंह और मेसर्स सुनील सिंह की फर्म के एक भी सफाई कर्मचारी नहीं उपस्थित हुए।

उनवल, पीपीगंज में भी 10 सफाई कर्मी नहीं मिले

गोरखपुर। एडीएम (प्रशासन) प्रभुनाथ के निर्देश पर सभी नगर पंचायतों में भी सफाई कर्मचारियों की गिनती शुरू कर दी गई है। शनिवार को उनवल के आउटसोर्सिंग के 30 में से छह जबकि पीपीगंज के 22 में से चार सफाई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। एडीएम ने इसपर सभी ईओ से जवाब तलब किया है।
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