गोरखपुर। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर शुरू हुई ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल तीसरे दिन रविवार को भी जारी रही। ऑपरेटरों ने ट्रांसपोर्टनगर के पास प्रदर्शन किया, फिर बैठक कर रणनीति बनाई।
गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्षाें ने ट्रांसपोर्टनगर स्थित कार्यालय में संयुक्त बैठक की। इस दौरान जगह-जगह खड़ी गाड़ियों का हाल जाना। सभी चालकों से हड़ताल के दौरान समर्थन की अपील की। गोरखपुर ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपी पांडेय और गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके तिवारी ने बताया कि लगातार तीन दिन से हड़ताल की वजह से ट्रांसपोर्टरों का तीन करोड़ जबकि बाजार के व्यापार में 78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार जल्द मांग नहीं मानी तो स्थिति और खराब हो सकती है। बैठक में रंजन तिवारी, अशोक यादव, लल्लन सिंह, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, अब्दुल रसीद, मनीष सिंह, मोनू सिंह, संजीव सिंह, डीके सिन्हा, अशोक कपूर, सीपी रावत, गणेश सिंह आदि उपस्थित थे।
मंडियों में दिखने लगा असर
भले ही ट्रक संचालकों ने दूध, सब्जी, गैस, दवा जैसी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा है, लेकिन हड़ताल का असर अब मंडियों में नजर आने लगा है। सब्जी की आवक बीस फीसदी घट गई है। इससे सब्जियों के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। अन्य जीवन उपयोगी वस्तुओं की आवक भी बहुत कम रही। खाद्यान्न, तेल आदि के ट्रक नहीं आने से व्यापारी चिंतित हैं। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल पुराने स्टाक की खपत हो रही है।
एक-दो दिन और हड़ताल जारी रही तो न सिर्फ आवक कम हो जाएगी बल्कि कीमतों में भी बढ़ोतरी होने लगेगी। मछली मंडी में असर थोड़ा कम है क्योंकि यहां ट्रक हैदराबाद से आते हैं और गोरखपुर पहुंचने में पांच दिन लग जाता है। ऐसे में हड़ताल की घोषणा के पहले चले ट्रक आज या कल पहुंचेंगे।