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रेलवे प्रेस बंदी के विरोध में अनशन

Tue, 17 Jul 2018 01:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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रेलवे प्रेस बंद करने के विरोध में प्रदेश करते नरमू के सदस्य।
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गोरखपुर। देश भर में हिंदी में छपाई करने वाले पहले रेलवे प्रेस को बंद करने के निर्णय के विरोध में एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के 95 वर्षीय केंद्रीय महामंत्री केएल गुप्त ने रेलवे प्रेस के सामने सोमवार को अनशन किया। वयोवृद्ध नेता के अनशन पर बैठने की खबर सुनकर बहुत से रेलकर्मी समर्थन में जुट गए। रेलकर्मियों ने नारेबाजी की और सभा कर प्रधानमंत्री, रेलमंत्री और सांसदों से रेलवे प्रेस बंद करने का निर्णय बदलने की मांग की।
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महामंत्री ने कहा कि नौ जुलाई को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने वार्ता के दौरान रेलवे प्रेस बंद न करने का आश्वासन दिया था। एआईआरएफ ने भी रेलमंत्री को प्रेस बंद करने का विरोध करते हुए पत्र लिखा था। रेलमंत्री ने वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन इसी बीच साजिश के तहत प्रेस को बंद करने की घोषणा कर दी गई। महामंत्री ने कहा कि कंपनी मैनेज्ड रेलवे जब अस्तित्व में था, तब से स्थापित इस प्रिंटिंग प्रेस में दूसरे रेलवे जोन की छपाई भी होती थी। कई वर्षों से साजिश के तहत प्रेस में छपाई के लिए सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं पीएमओ से इसे बंद करने का दबाव बनाया जा रहा है। सभा को नवीन मिश्र, ओंकार नाथ सिंह, प्रदीप धर दुबे, संजय त्रिपाठी, रतन कुमार सिन्हा, रवींद्र श्रीवास्तव, विनोद सिंह, प्रदीप गुप्त, प्रदीप कुमार, जगदीश, प्रसाद सिंह ने संबोधित किया।
 

दूसरी यूनियन ने भी किया समर्थन

गोरखपुर। रेलवे एससी-एसटी यूनियन के महामंत्री चंद्रशेखर एवं ओबीसी यूनियन के अध्यक्ष एसएन मौर्या ने अनशन स्थल पर पहुंचकर समर्थन किया और लड़ाई में साथ रहने का आश्वासन दिया।
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