गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में दो वर्षों से ठप पड़ी वाई-फाई सेवा दोबारा बहाल होने की राह खुल गई है। यूनिवर्सिटी की तकनीकी एक्सपर्ट की टीम ने छह हॉस्टलों की तकनीकी खामियां दूर करने के साथ ही अलकनंदा हॉस्टल में ट्रायल के तौर पर सेवाएं शुरू कर दी है। 15 मार्च को कुलपति प्रो. वीके सिंह विधिवत इस सेवा का उद्घाटन करेंगे।
वर्ष 2013 में तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान सभी छात्रावासों को वाई-फाई से लैस करने का एलान किया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहले फेज में अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल और गौतम बुद्धा हॉस्टल में वाई-फाई सेवा शुरू कर दी। मॉनीटरिंग के मुकम्मल इंतजाम न होने से विद्यार्थी इसका बेजा इस्तेमाल करने लगे, जिससे आए दिन सर्वर डाउन रहने लगा। जांच करने पर गलत साइट्स खोलने की बात सामने आई। इस पर दो साल पहले वाई-फाई सेवा बंद कर दी गई थी। दिसंबर 2016 में वाई-फाई के लिए दूसरी किस्त मिलने पर बाकि बचे चार हॉस्टलों में उपकरण तो लगा दिए गए, मगर सेवाएं शुरू नहीं की जा सकीं। अब कंप्यूटर सेंटर प्रभारी डॉ. एसएन पांडेय और उनकी टीम ने संतकबीर, विवेकानंद, एनसी, रानी लक्ष्मीबाई, अलकनंदा, गौतमबुद्धा हॉस्टल में नेटवर्क से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर कर लिया है।
कैसे मिलेगी वाई-फाई सुविधा
वाई-फाई की सेवा का लाभ उठाने के लिए विद्यार्थियों को हॉस्टल वार्डेन की तरफ से फार्म मुहैया कराए जाएंगे। ये फार्म वार्डेन की तरफ से कंप्यूटर सेंटर प्रभारी को भेजे जाएंगे। इसके बाद उन्हें लॉग इन और पासवर्ड मुहैया कराया जाएगा।
महज 164 विद्यार्थियों ने किया आवेदन
वाई-फाई सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अलकनंदा, नाथ चंद्रावत और विवेकानंद हॉस्टल से महज 164 आवेदन ही कंप्यूटर सेंटर को मुहैया कराए गए हैं। इनमें अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल की 85 छात्राओं को वाई-फाई सुविधा शनिवार से दी जा रही है। शेष दो हॉस्टल को भी 15 मार्च के बाद सेवाएं दी जाएंगी।
तीन हॉस्टलों से अब तक नहीं मिला कोई आवेदन
संतकबीर, गौतमबुद्धा और रानीलक्ष्मी बाई हॉस्टल को दिसंबर महीने में ही आवेदन फार्म मुहैया करा दिए गए थे, मगर अब तक कोई भी आवेदन नहीं मिला है। जिम्मेदारों की मानें तो ऐसे में इन तीनों हॉस्टलों को वाई-फाई के लिए इंतजार करना होगा।