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गीडा की 18 फैक्ट्रियों पर ताला

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राजीव रंजन
गोरखपुर।
नदियों को प्रदूषित करना शहर की फैक्ट्रियों को भारी पड़ गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर की 18 फैक्ट्रियों को बंद करने का आदेश जारी किया है। इनमें गीडा की 16 फैक्ट्रियां शामिल हैं। डीएम ने गीडा सीईओ को इन फैक्ट्रियों के पानी का कनेक्शन काटने और एसएसपी को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में गीडा समेत गोरखपुर की विभिन्न फैक्ट्रियों के आमी नदी को प्रदूषित करने की शिकायत मीरा शुक्ला और विश्व विजय सिंह ने की थी। मामले में एनजीटी ने उत्तरप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच का निर्देश दिया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में इन उद्योगों से निकलने वाले गंदे और प्रदूषित पानी के ट्रीटमेंट के लिए कोई इंतजाम नहीं मिला। साथ ही प्रदूषित पानी को सीधे गीडा के नालों में गिरता हुआ पाया गया। उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड ने तमाम फैक्ट्रियों को नोटिस भेजकर 19 जून तक अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था, लेकिन किसी ने अपना पक्ष नहीं रखा। ऐसे में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने इन फैक्ट्रियों को नदियों को प्रदूषित करने वाला मानते 21 सितंबर को इनको बंद करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही डीएम, एसएसपी, उत्तरप्रदेश पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता और उत्तरप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गोरखपुर के क्षेत्रीय अधिकारी को इन सभी फैक्ट्रियों को बंद के आदेश का तत्काल पालन कराने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम ने इनकी बंदी का आदेश जारी कर दिया है।
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विषैली हो चुकी है आमी नदी
गीडा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी से आमी प्रदूषित ही नहीं विषैली हो चुकी है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के एक शोध में सामने आया कि, आमी का पानी इतना प्रदूषित हो चुका है कि इसमें जलीय जीवन संभव नहीं है। एक अन्य शोध में पाया गया कि इस नदी के किनारे के गांवों का भूगर्भ जल भी प्रदूषित हो चुका है। आमी बचाओ मंच के विश्व विजय सिंह ने इसी को आधार बनाकर एनजीटी में अपील की थी।
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इन उद्योगों को बंदी का हुआ है आदेश (गीडा में स्थापित)
फेथफुल कामर्शियल लिमिटेड, रुंगटा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, भारत इंडस्ट्रीज, महालक्ष्मी स्वीट्स, जीके फूड्स एंड वेबरेजेज, अभिराज फाइबर्स प्राइवेट लिमिटेड, कात्यायनी इंडस्ट्रीज, तन्मय इंटरप्राइजेज, यूनिटी प्लास्टिक, यशवीर इंडस्ट्रीज, शिवम प्लास्टिक, एवन कार्ड बोर्ड, नेशनल पेट्रोलियम एंड केमिकल, अयान प्रोडक्ट्स, इंडियन टैंकर्स, योग प्रोडक्ट्स

गीडा से बाहर के गोरखपुर के उद्योग
लक्ष्मी बर्तन इंडस्ट्रीज, जंगल नकहा नंबर-2 भगवानपुर, मोहरीपुर
राकेश गृह उद्योग, इंडस्ट्रियल एरिया
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