गोरखपुर। आंदोलनरत मानबेला किसानों को ब्याज कटौती की शर्त वापस लेने की सूचना देने गई अफसरों की टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। टीम का कहना था कि मंडलीय कमेटी इस शर्त को खत्म करने के लिए तैयार है, किसान अब मुआवजा लेने के लिए अपनी लिखित सहमति दे दें। मगर किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और मौजूदा सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा देने तथा निर्माणाधीन मकान, मस्जिद, स्कूल आदि को अधिग्रहण से बाहर रखने की मांग दोहराते रहे।
उधर सत्याग्रह कर रहे किसान, अफसरों से अपनी मांगों पर वार्ता करने के लिए दबाव बनाते रहे लेकिन अधिकारी सत्याग्रह स्थल पर गए ही नहीं। मुख्य
राजस्व अधिकारी बलराम सिंह के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस व जीडीए के अधिकारी दोपहर में मानबेला पहुंचे। मानबेला किसानों ने जब अफसरों को आते देखा तो उनमें से ज्यादातर सत्याग्रह स्थल पर पहुंच गए। जो किसान मौके पर मौजूद रहे, अफसरों ने उन्हें ब्याज वापसी की जानकारी देते हुए मुआवजा लेने की अपील की। मगर वह भी तैयार नहीं हुए। सीआरओ का कहना है कि किसानों के मुआवजा लेने के लिए अपनी लिखित सहमति देते ही मंडलीय कमेटी दोबारा बैठक कर ब्याज कटौती के शर्त की वापसी के संबंध में निर्णय ले लेगी। टीम में एसडीएम सदर राहुल पाण्डेय, सीओ ट्रैफिक, जीडीए के मुख्य अधियंता संजय सिंह, सीएफ ओ एमके मिश्रा, एई अवनींद्र सिंह व एनके जायसवाल शामिल रहे। उधर राणा राहुल सिंह के नेतृत्व में सर्किल रेट से मुआवजा देने की मांग को लेकर किसानों का सत्याग्रह छठवें दिन सोमवार को भी जारी रहा। किसानों के बच्चों ने जनजागरण रैली निकाल मुख्यमंत्री से मांगे मानने की अपील की ।