फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रसंघ चुनाव को लेकर बवाल, लाठीचार्ज, पथराव

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर।
यूपी के उप मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की ओर से शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव कराने से इन्कार के बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी के भड़के छात्र और छात्रनेता सड़क पर उतर आए। प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर ताला डालकर कुलपति, रजिस्ट्रार और शिक्षकों को कैंपस में कैद कर दिया। गेट खुलवाने के प्रयास पर एक कर्मचारी की जमकर धुनाई भी की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेने गोरखपुर एयरपोर्ट जा रही फ्लीट को 15 मिनट तक रोके रखा। डिप्टी सीएम को एयरपोर्ट छोड़कर लौट रही फ्लीट पर भी पथराव किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो मामला बिगड़ गया। छात्रों की पुलिस से सीधी भिड़ंत हो गई। हालात बेकाबू देख पुलिस ने लाठीचार्ज करके छात्रों को खूब पिटाई की। इसके बाद भी छात्र भी पीछे नहीं हटे और पुलिस पर पथराव करने लगे। पथराव से कई पुलिस कर्मचारियों को चोटें आई हैं। दूसरी तरफ लाठीचार्ज में 15 से ज्यादा छात्र घायल हो गए। मामले में पुलिस ने 16 छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर पथराव और गालीगलौज करने वाले छात्रों को भी पीटा। देखते ही देखते यूनिवर्सिटी कैंपस और हॉस्टल को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव कराने का ऐलान किया था। प्रो. संजय बैजल को चुनाव अधिकारी नामित करके 18 सितंबर को चुनाव कराने की बात भी कही थी लेकिन शुक्रवार को यूनिवर्सिटी पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने इस पर सवाल उठाया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव लिंगदोह समिति के हिसाब से 30 अगस्त तक कराए जाने थे। तय अवधि बीत जाने का हवाला देकर उप मुख्यमंत्री ने चुनाव कराने से इन्कार कर दिया। यह देख यूनिवर्सिटी प्रशासन बैकफुट पर गया। आनन-फानन में चुनाव का पूरा कार्यक्रम निरस्त कर दिया। उपमुख्यमंत्री के यूनिवर्सिटी कैंपस से जाते ही छात्रों ने हंगामा खड़ा कर दिया। चुनाव की तैयारी में लगे और शहर को पोस्टर-बैनर से पाटने वाले छात्रनेता समर्थकों के साथ सड़क पर उतर आए। यूनिवर्सिटी गेट के सामने जाम लगा दिया। सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला डालकर सबकी आवाजाही रोक दी। सूचना पाकर मौके पर एसपी सिटी विनय सिंह और एसपी ग्रामीण ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। समझा-बुझाकर मामला शांत करने की कोशिश भी हुई लेकिन छात्र नहीं माने। पुलिस से धक्का-मुक्की करने लगे। पुलिस से तीखी नोकझोंक और झड़प भी हुई। कई बार हाथापाई की नौबत आई। इसी बीच प्रशासनिक भवन से निकल रहे एक कर्मचारी को छात्रों ने पीट दिया। इसी दौरान छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्रों ने इसका जवाब पथराव से दिया। जुलूस की शक्ल में छात्र और छात्रनेता गोरखपुर क्लब के पास पहुंचे। पुलिस ने दबाव बनाया तो सभी छात्र हॉस्टल में जा घुसे और अंदर से गेट पर ताला डालकर पुलिस से गालीगलौज की।
विज्ञापन


ताला तोड़ हॉस्टल में घुसी पुलिस
छात्रों के उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस ने हॉस्टल गेट का ताला तोड़कर हॉस्टल में घुसकर बवाली छात्रों को खूब पीटा। हॉस्टल से ही 14 और दो अन्य छात्रों को हिरासत में लिया। कुछ छात्रों को अंडर वियर और बनियान में ही कैंट पुलिस थाने उठा ले गई। इसकी सूचना मिलते ही तमाम छात्र कैंट थाने पहुंच गए। थाने में धरना-प्रदर्शन किया और सामने की रोड जाम कर दी।

तीन बार हुआ लाठीचार्ज
प्रशासनिक भवन पर लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मच गई। छात्र और छात्रनेता भागकर गोरखपुर क्लब के पास पहुंचे। पीछे-पीछे पुलिस भी गई और दोबारा लाठीचार्ज करके छात्रों को हॉस्टल के अंदर किया। हॉस्टल में घुसने के बाद भी छात्र पथराव करते रहे। पुलिस से गालीगलौज भी की। इससे नाराज पुलिस की टीम हॉस्टल में घुसी और तीसरी बार लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने एक-एक कमरे की तलाशी ली और बवाल करने वालों को पीटा। हॉस्टल से ही कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। इससे दहशत फैल गई। पढ़ने वाले छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बवालियों की होगी पहचान
छात्रों के बवाल की पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई है। पुलिस का कहना है कि बवाली छात्रों की पहचान की जाएगी। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कामकाज में व्यवधान का आरोप लगाकर सबको जेल भेजा जाएगा। मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। कैंट पुलिस को बवालियों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन


सीएम फ्लीट का रूट बदला
छात्रों के बवाल को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुक्रवार की देरशाम रास्ता बदलकर गोरखनाथ मंदिर पहुंचाया गया। लखनऊ से चले सीएम शाम छह बजे के बाद गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचे, फिर सड़क मार्ग से गोरखनाथ मंदिर गए। पहले मुख्यमंत्री की फ्लीट को मोहद्दीपुर से यूनिवर्सिटी चौराहा होकर ले जाना तय था लेकिन इसी रूट पर यूनिवर्सिटी के कई हॉस्टल हैं। इसके चलते पुलिस ने सावधानी बरती और सीएम फ्लीट को छात्रसंघ चौराहे होते हुए बीच शहर से निकालकर गोरखनाथ मंदिर पहुंचाया।

कोट::::
कुछ बाहरी युवकों ने ही बवाल मचाया है। उत्पाती छात्रों पर ही कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की छूट किसी को नहीं दी जाएगी।
- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी गोरखपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें