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तिहाड़ जेल में भी बंद हो चुके है डॉ कफील

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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कांड के मुख्य आरोपियों से एक डॉ. कफील खान का विवादों से पुराना नाता है। वह पहले तिहाड़ जेल में तीन महीने की सजा काट चुके हैं। वर्ष 2013 में डॉ. कफील करीबी मित्र की जगह मेडिकल प्रैक्टिस की परीक्षा देते पकड़े गए थे। इस मामले में उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। अब मेडिकल कॉलेज कांड में एक बार फिर डॉ. कफील सलाखों के पीछे में पहुंच गए हैं।
जानकारों के मुताबिक रूस से एमबीबीएस करने वालों को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) की ओर से आयोजित परीक्षा पास करना जरूरी है। इसी परीक्षा में डॉ. कफील अपने दोस्त की जगह बैठे थे। उस वक्त डॉ. कफील कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल में एमडी पिडियाट्रिक की अंतिम वर्ष के छात्र थे। दूसरे की जगह परीक्षा देने की भनक लगते ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और करीब तीन महीने तक उन्हें तिहाड़ जेल की हवा खानी पड़ी थी।
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पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. कफील ने गोरखपुर में प्रैक्टिस शुरू की। वक्त-वक्त पर आरोपों में घिरे। एक युवती ने नर्सिंग होम में काम देने के बहाने बुलाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया था, हालांकि इस मामले की जांच में पुलिस ने केस को खारिज कर दिया था।
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