सिद्धार्थनगर। जिले के विकास कार्यक्रमों की समीक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अफसरों पर बेहद सख्त रहे। फर्जी आंकड़े पेश किए जाने पर सीएम ने एसपी, बीएसए और बिजली विभाग के अफसरों को जमकर डांट लगाई। ढेबरुआ और मोहाना एसओ पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
हैंडपंपों की मरम्मत में लापरवाही पर जलनिगम के एक्सईएन और डीपीआरओ को भी लताड़ा। गड्ढामुक्त सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए कमिश्नर को उच्चस्तरीय टेक्नीकल ऑडिट कमेटी (टीएसी) गठित करने के निर्देश दिए। चकबंदी के बंदोबस्त अधिकारी को रवैया सुधारने को कहा तो सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को एक सप्ताह में ऐसे मामलों का ब्योरा देने को कहा, जिसमें फर्जी ढंग से पेमेंट हुआ है।
कलेक्ट्रेट सभागार में करीब 40 मिनट की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सबसे ज्यादा पुलिस विभाग से खफा दिखे। एसपी सत्येंद्र कुमार से गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाइयों की संख्या पूछी तो उन्होंने 14 बताया जबकि रिकार्ड में 5 अंकित था। कहा कि जब अपने कार्यों के बारे में ही नहीं पता तो क्राइम कंट्रोल कैसे करेंगे। यूपी-100 की लगातार शिकायतों पर जांच कर कार्रवाई के लिए कहा और रात्रि गश्त बढ़ाने की हिदायत दी। 25 प्रतिशत से अधिक मामले लंबित रखने वाले थानाध्यक्षों पर कार्रवाई करने को कहा। बीएसए मनीराम सिंह स्कूल ड्रेस और किताबों के वितरण रिपोर्ट में भटक गए। पहले 90 फीसदी बच्चों में वितरण की बात कही, फिर 60 पर अटक गए। सीएम ने कहा कि आप भरमाना बंद करें। सरकार के पास दूसरी एजेंसियां भी हैं, सच्चाई जानने में देर नहीं लगेगी। गड्ढामुक्त सड़कों की गुणवत्ता की शिकायतों पर सीएम ने कमिश्नर को निर्देश दिया कि मंडल के तीनों जिलों के सीडीओ रैंक से ऊपर के अधिकारी के नेतृत्व में टीम बनाकर क्रॉस चेकिंग कराकर रिपोर्ट करें । बिजली विभाग के अफसरों ने सरकार के वादे के अनुरूप बिजली देने की बात कही तो विधायकों ने इसे खारिज कर दिया। एक स्वर में विधायकों ने झूठी रिपोर्ट देने का आरोप लगाया।
सीएम ने कहा कि मुख्यालय पर 24 और तहसीलों में 20 घंटे का मतलब इतनी बिजली मिलनी ही चाहिए। विशेष स्थिति में एक घंटे तक कटौती स्वीकार की जा सकती है। इससे अधिक कटौती हुई तो बर्दाश्त नहीं होगा। वाराणसी से आए विभाग के एमडी ने भरोसा दिलाया कि 20 सितंबर तक बांसी में 220 केवी का उपकेंद्र बनने के बाद लो वोल्टेज व अघोषित कट से निजात मिल जाएगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह, सांसद जगदंबिका पाल, सभी विधायक सहित कमिश्नर दिनेश सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी राकेश साहू, डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी सत्येंद्र कुमार व अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।