संतकबीरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर इधर चुनाव की तिथि घोषित हो गई है, उधर मामला लखनऊ हाईकोर्ट पहुंच जाने से नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए गए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के बाद पूरी पत्रावली को प्रस्तुत करने का डीएम को आदेश दिया है। 19 जुलाई को पत्रावली के साथ एडीएम न्यायिक और अपर मुख्य मुख्य अधिकारी जिला पंचायत लखनऊ हाईकोर्ट जाएंगे।
जिला पंचायत सदस्य अशोक चौधरी की अगुआई में 25 मई को नाराज 32 में से 26 सदस्यों ने डीएम को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। उसके बाद डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक के लिए 10 जून की तिथि तय कर दी थी। उसके बाद संतोष यादव ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल की थी। जिस पर कोर्ट ने डीएम को और अधिक समय देने का कहा था। इसी वजह से अविश्वास प्रस्ताव पर पहले प्रस्तावित दस जून को होने वाली बैठक की तिथि आगे बढ़ा कर 24 जून कर दी गई थी। दुबारा डीएम के जरिए 24 जून को बैठक की तिथि तय करने के बाद वह फिर हाई कोर्ट चले गए। इस बार उन्हें कोर्ट से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली थी और कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। डीएम के जरिए प्रस्तावित तिथि 24 जून को अविश्वास प्रस्ताव के लिए सदस्यों की बैठक कराई गई। जिसमें कुल 32 में से 27 सदस्य बैठक में पहुंचे थे। मतदान में कुल 25 मत वैध मिले थे और उन्हीं सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था। उसके बाद 23 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव होना था, जो बाद में परिवर्तित होकर 22 अगस्त की तिथि मतदान के लिए तय कर दी गई है। अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए गए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच में रिट याचिका दायर की है। गुरुवार को मामले में सुनवाई हुई। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में उनके जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मतदान की जो प्रक्रिया अपनाई गई वह गलत है। जिला पंचायत एक्ट के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव में गुप्त मतदान कराए जाने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा नही हुआ। आगे बताया कि मुख्य न्यायाधीश एपी शाही की अदालत ने मामले की सुनवाई गुरुवार को की। जिसमें अगली सुनवाई की तिथि 19 जुलाई तय की गई है। कोर्ट ने डीएम को आदेशित किया है पूरी पत्रावली के साथ एडीएम रैंक के अफसर को 19 जुलाई को उपस्थित कराएं। डीएम मारकंडेय शाही ने बताया कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव की रिट याचिका पर स्टे नहीं मिला है, जबकि कोर्ट ने सिर्फ रिकार्ड तलब किया है। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 19 जुलाई को एडीएम न्यायिक अनिल मिश्रा और अपर मुख्य मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रामाश्रय प्रसाद को निर्देशित कर दिया गया है कि वह पत्रावली के साथ कोर्ट के समक्ष उपस्थित हों।