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जीएसटी ने कराया फील गुड

Sat, 01 Jul 2017 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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दुकानों पर खरीदारी करने पहुंचे लोग। - फोटो : Amar Ujala
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पहली जुलाई से जीएसटी लागू होने के एक दिन पहले इसका असर पूरे बाजार पर छाया रहा। कुछ दुकानदारों ने जहां विरोध में काली पट्टी बांधी, वहीं खरीदारों ने जीएसटी में इलेक्ट्रॉनिक गुड्स से लेकर आभूषणों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए जमकर खरीदारी की। इलेक्ट्रॉनिक गुड्स में 5 से 50 प्रतिशत की बंपर छूट ने लोगों को फीलगुड कराया। स्थिति यह रही कि इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में तो आउट ऑफ स्टॉक की स्थिति बन गई। इन दुकानों पर टीवी, फ्रिज, एयर कंडीशनर, कूलर आदि पर 5 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही थी। स्थिति यह रही कि दोपहर होते-होते कुछ दुकानों में सारे आइटम आउट ऑफ स्टॉक हो गए। यही हाल ज्वेलरी की दुकानों पर भी रही। वैल्यू प्लस के मैनेजर मनीष पांडेय ने बताया कि अभी की स्थिति यह है कि स्टॉक 0 हो गया है।
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शनिवार से जीएसटी लागू हो रहा है। शुक्रवार मध्य रात्रि यानी रात 12 बजे से उत्तर प्रदेश मूल्य संबर्धित कर अधिनियम व प्रवेश कर अधिनियम इतिहास बन जाएगा। हालांकि उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 केवल नॉन जीएसटी वस्तुओं के लिए लागू रहेगा। शुक्रवार को इसे लेकर व्यापार जगत से लेकर घर, बाजार और दफ्तरों में चर्चा होती रही। नई टैक्स प्रणाली अब भी आम व्यापारी दुविधा में है। चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहित अग्रवाल का कहना है कि उम्मीद है कि जीएसटी से पूरा देश एक सिंगल कॉमन मार्केट में तब्दील हो जाएगा, जहां राज्यों की सीमाओं के आरपार वस्तुओं एवं सेवाओं का आसानी से आवागमन हो सकेगा। टैक्स में इस बदलाव से देश की जीडीपी 1.5 से 2 प्रतिशत तक ऊपर जाएगी। जीएसटी लागू होने से कुछ चीजें महंगी तो कुछ सस्ती होंगी।

आज से कुछ यूं बदल जाएंगे चीजों के दाम
1- रेस्टोरेंट में खाना हुआ और महंगा
75 लाख रुपये से कम के सालाना टर्नओवर वाले रेस्तरां पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगना है। इसका मतलब है कि यहां भोजन करना पहले से थोड़ा सस्ता होगा। दूसरी ओर, बिना एयर कंडीशन वाले रेस्तरां में भोजन करना महंगा पड़ेगा क्योंकि पहले इन पर 6 प्रतिशत वैट लगता था, लेकिन अब जीएसटी की दर 12 प्रतिशत हो जाएगी। जहां तक बात एसी वाले रेस्तरां की है तो यहां भी भोजन थोड़ा सस्ता होने का ही अनुमान है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। हालांकि यहां खाने पर पहले सर्विस टैक्स और वैट दोनों लगते हैं।
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2: टेलीफ ोन बिल हो जाएगा महंगा
टेलीफोन बिल पर मौजूदा 15 प्रतिशत की बजाय 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। इसलिए टेलीफोन बिल बढ़ने वाला है। इसी तरह ब्यूटी पॉर्लर जाना भी महंगा पड़ेगा।

3: कम होंगी दवाइयाें की कीमत
मरीज और तीमारदारों के लिए राहत भरी खबर है। जीएसटी में दवाइयों की कीमतें भी घटेंगी क्योंकि इन पर अभी 14 प्रतिशत टैक्स लग रहा है, जो घटकर 12 प्रतिशत रह जाएगा।

4: बैंकिंग सेवा हो जाएगी महंगी
बैंकिंग सर्विसेज महंगी होने जा रही है क्योंकि अभी इन पर 15 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है, जबकि जीएसटी में 18 प्रतिशत टैक्स तय हुआ है। यानी 1 जुलाई से डिमांड ड्रॉफ्ट, फंड ट्रांसफ र जैसी सेवाएं महंगी पड़ेंगी। इसी तरह, टर्म पॉलिसी एंडोमेंट पॉलिसी और यूलिप्स आदि के इंश्योरेंस प्रीमियम भी महंगे होंगे। यह पहले की बीमा पॉलिसी पर लागू नहीं होगा।

5: रेल टिकट होंगे महंगे
जुलाई से फर्स्ट, सेकंड और थर्ड एसी के टिकट थोड़े महंगे होने जा रहे हैं। उपनगरीय रेल सेवाओं के फ र्स्ट क्लास टिकट पर भी थोड़ा ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।

6: दोपहिया वाहन सस्ते होंगे
टू व्हीलर वाहन सस्ते तो होंगे, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं, क्योंकि अभी मोटरसाइकिल या स्कूटर पर वैट और एक्साइज ड्यूटी मिलाकर उसकी कुल लागत का 30 प्रतिशत पड़ता है, जबकि जीएसटी की दर 28 प्रतिशत होगी।

7: चार मीटर की लंबाई तक की छोटी कारें होंगी सस्ती
छोटी कारें सस्ती होने वाली हैं। इन कारों पर 29 प्रतिशत जीएसटी लगना है, जबकि अभी 40 प्रतिशत टैक्स लग रहा है। वहीं लग्जरी कारों के दाम भी घटेंगे, क्योंकि जीएसटी में ज्यादा से ज्यादा 43 प्रतिशत 28 प्रतिशत जीएसटी और 15 प्रतिशत सरचार्ज, टैक्स लगेगा जबकि अभी इन पर 46 प्रतिशत टैक्स देना पड़ रहा है।

8: फ्लाइट टिकट पर
हवाई जहाज में इकोनॉमी क्लास के टिकट थोड़े सस्ते होंगे क्योंकि मौजूदा 5.60 प्रतिशत टैक्स की जगह जीएसटी में 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। लेकिन बिजनेस क्लास के टिकट महंगे हो जाएंगे। अभी इन पर 8.40 प्रतिशत टैक्स लग रहा है, जबकि जीएसटी में यह 12 प्रतिशत हो जाएगा।

9: सस्ते हो जाएंगे स्मार्टफ ोन
अगर आप 30 जून के बाद मोबाइल खरीदते हैं तो आपको 1.5 प्रतिशत कम टैक्स देना होगा। यानी 1 जुलाई से स्मार्टफ ोन सस्ते होने वाले हैं।

10: कंज्यूमर गुड्स महंगे होंगे
कंज्यूमर गुड्स पर जीएसटी में कोई राहत नहीं मिलने वाली। अभी इन सामानों पर 25 से 26 प्रतिशत टैक्स लगता है, जबकि जीएसटी में 2 प्रतिशत ज्यादा टैक्स देना होगा। यानी कि कुर्सी, टेबल, सोफा, टीवी, फ्रिज समेत सभी इलेक्ट्रानिक्स गुड्स एवं होम अपलाइसेंज महंगे हो जाएंगे।

11: सिनेमा, थिएटर, केबल और डीटीएच सर्विस
1 जुलाई से मनोरंजन के ये सारे साधन सस्ते होने जा रहे हैं, क्योंकि इन पर अधिकतम 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा जो अभी राज्य सरकारों की ओर से लगाए जा रहे इंटरटेनमेंट टैक्स से कम ही होगा। मसलन, महाराष्ट्र में अभी 35 प्रतिशत मनोरंजन कर वसूला जा रहा है।

12: महंगा हो जाएगी निर्माणाधीन एपार्टमेंट में फ्लैट की बुकिंग
पजेशन के लिए तैयार प्रॉपर्टी पर अभी की तरह ही सिर्फ स्टांप ड्यूटी देनी होगी, लेकिन अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदने पर 12 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। अभी निर्माणाधीन मकानों पर मात्र 4.5 प्रतिशत सर्विस टैक्स और वैट लगता है। यानी अब फ्लैट बुक कराने पर ज्यादा रकम चुकानी होगी।

13: महंगा हो जाएगा कोचिंग क्लास
जीएसटी में कोचिंग क्लासेज महंगे हो जाएंगे क्योंकि अभी इन पर 15 प्रतिशत टैक्स लगता है जो जुलाई से बढ़कर 18 प्रतिशत होने जा रहा है।

14: महंगे हो जाएंगे कुछ कपडे़
1000 रुपये से कम कीमत के कपड़ों पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं होगा। इन पर मौजूदा 5 प्रतिशत की दर ही लागू रहेगी, लेकिन कीमती पोशाक महंगे होंगे क्योंकि अभी इन पर 8 प्रतिशत टैक्स लगता है जबकि जीएसटी में 12 प्रतिशत टैक्स देना होगा। दूसरी और बिना सिले कपड़ो पर पहले कोई टैक्स नहीं था लेकिन अब 5 प्रतिशत है यानी सूटिंग शर्टिंग साड़ी ये सब महंगे हो जायेंगे।

अभी कुछ चीजें जीएसटी से बाहर
जीएसटी तभी अच्छा काम करता है जब टैक्स दर एक हो। 2015 में सरकार के प्रस्ताव में एक टैक्स रेट शामिल किया जा रहा था। फि र तीन और अब पांच हो गए हैं। इससे जीएसटी असंतुलित हो रहा है। जीएसटी में काफ ी जटिलता आ गई है। जिन वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स होता है, उनको बाहर रख दिया। पेट्रोलियम, रियल इस्टेट, अल्कोहल और बिजली को इससे बाहर किया गया है। 28 फ ीसदी टैक्स स्लैब में कुछ आयटम पर टैक्स के ऊपर टैक्स भी लगाया है, जिसे सेस टैक्स कहते हैं। देखना अब ये है कि आने वाले समय में इसका क्या असर पड़ता है।
- मोहित अग्रवाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट

काफी दुविधा बनी हुई है
दवा के खुदरा व्यापार को लेकर अभी संशय बना हुआ है। पता ही नहीं चल पा रहा है कि दवाओं की बिक्री का हिसाब किस तरह से रखना है। थोक व्यापारियों को हमें क्या जानकारी देनी है।
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- विकास कुमार, दवा विक्रेता

महंगी हो जाएंगे आभूषण
मेकिंग चार्ज और जीएसटी में टैक्स बढ़ने से अब आभूषण महंगे हो जाएंगे। पहले केवल वैट और एक्साइज ड्यूटी का प्रावधान था।
- शक्ति मोहन वर्मा, सर्राफा व्यवसायी
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