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निरस्त होगा मातनहेलिया पेट्रोल पंप का लाइसेंस

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गोरखपुर। पेट्रोल पंप मशीन की पल्सर यूनिट में छेड़छाड़ कैंपियरगंज स्थित मातनहेलिया पेट्रोल पंप मालिक के लिए महंगी पड़ सकती है। इंडियन आयल कंपनी (आईओसी) की तकनीकी जांच में भी कंपनी के नियमों की अनदेखी कर पल्सर यूनिट में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। आईओसी अब पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी में जुट गई है। इसकी पुष्टि आईओसी और जिला पूर्ति विभाग के एक अफसर ने भी की है। इसी तरह जांच के दौरान दो पेट्रोल पंप पर घटतौली पकड़े जाने पर उनपर जुर्माना लगाने की तैयारी चल रही है। इन पेट्रोल पंप में तुरवा फीलिंग स्टेशन पिपराइच और शक्ति स्रोत गगहा के नाम शामिल हैं।
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लखनऊ के कई पेट्रोल पंपों में पेट्रोल, डीजल की चोरी के बाद गोरखपुर के भी सभी 141 पेट्रोल पंपों की जांच हुई थी। इसमें इन तीनों पेट्रोल पंपों को छोड़कर बाकी के 138 पेट्रोल पंपों को क्लीन चिट मिल गई है। जिला पूर्ति विभाग के मुताबिक इन पेट्रोल पंपों पर कोई गड़बड़ी नहीं मिली। करीब महीने भर तक चली जांच में कैंपियरगंज के मातनहेलिया पेट्रोल पंप पर ही सबसे बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आई। वहां घटतौली तो नहीं मिली थी मगर जांच के दौरान पल्सर यूनिट में अलग से दो पीले तार जोड़े गए थे। आयल कंपनियों के नियमों के मुताबिक अगर पल्सर यूनिट में गड़बड़ी आती है तो संबंधित पेट्रोल पंप मालिक को उसकी सूचना आयल कंपनी को देनी होगी। आयल कंपनी के इंजीनियर उसकी जांच करेंगे। खराबी मिलने पर पूरी पल्सर यूनिट बदले जाने का प्रावधान है मगर मातनहेलिया पेट्रोल पंप के मालिक की तरफ से आयल कंपनी को पल्सर यूनिट खराब होने की कोई जानकारी ही नहीं दी गई। नियमों की इस अनदेखी और हाईकोर्ट व प्रदेश सरकार की सख्ती को देख आईओसी, लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करने जा रही है।
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