गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति ने सोमवार को पिछले साल परीक्षा में नकल कराने के आरोपी सभी 15 कॉलेजों को क्लीन चिट दे दी है। नकल अध्यादेश का हवाला देकर इन कॉलेजों को राहत दी गई है। नकल में फंसे कॉलेज संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई लेकिन विद्यार्थियों के 30-30 फीसदी अंक काटने पर मुहर लगा दी गई। इसपर विद्यार्थियों ने नाराजगी जताई है।
सत्र 2017-18 की परीक्षा में सामूहिक नकल कराने के मामले में 15 कॉलेजों को काली सूची में डाला गया था। इन कॉलेजों में नकल कराने की पुष्टि भी हो गई। यहां होने वाली 20 कॉलेजों की परीक्षाएं दूसरे केंद्रों पर कराई गई। सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में अध्यादेश के मुताबिक निर्णय लिया गया। नकल कराने के आरोपी देवरिया के नौ, गोरखपुर और कुशीनगर के तीन-तीन कॉलेज हैं।
इन्हें दी गई छूट
भैरव प्रसाद मौर्य स्मारक महिला महाविद्यालय विशुनपुरा पिपरासंडी, जानकीदेवी डिग्री कॉलेज भेउसा-बनटका खजनी, सरस्वती देवी स्मारक कन्या महाविद्यालय भौरियहवा (सभी गोरखपुर), एसडी मेमोरियल महाविद्यालय नौतन, मां फूलपती देवी महिला महाविद्यालय डुमरी रामपुर कारखाना, सिद्धेश्वर शीतल देव नारायन महाविद्यालय भरहे चौरा भटनी, दिनेश चंद गीता महाविद्यालय बरुआडीह बैकुंठपुर, रमेश चंद्र राव महाविद्यालय रामपुर, रामराय पीजी कॉलेज बनकटा, शीतादेवी महाविद्यालय भटनी, डॉ राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय मालीवारी, जयशंकर कलावती देवी महिला महाविद्यालय सल्लहपुर भटनी (सभी देवरिया), बद्री नारायन महाविद्यालय गायघाट पड़रौना, विश्वनाथ सरस्वती महिला महाविद्यालय दुदही, श्रीराम अवध निषाद महाविद्यालय खोटही (कुशीनगर)
दो कॉलेजों में पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगी परीक्षा
गोरखपुर। पेपर लीक कराने के मामले में आरोपी बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर तथा स्वामी देवानंद पीजी कॉलेज मठलार में पर्यवेक्षक की निगरानी में परीक्षा होगी। एसटीएफ की रिपोर्ट जब तक नहीं आती है यह व्यवस्था चलती रहेगी।