गोरखपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) ने मान्यता के रिन्यूवल में जिलाधिकारी से एनओसी लेने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इससे सीबीएसई से संचालित 17 विद्यालयों की मान्यता रिन्यूवल पर मंडरा रहे संकट के बादल छंट गए हैं। इन स्कूलों में करीब छह हजार विद्यार्थी हैं। रिन्यूवल के बाद पुराने स्कूलों को अगले पांच साल की मान्यता मिलती है। अब ये विद्यालय समय से आवेदन फार्म भर सकेंगे। उन्हें एक लाख रुपये की लेट फीस नहीं भरनी पड़ेगी।
सीबीएसई स्कूल की मान्यता रिन्यूवल में पहली बार जिला विद्यालय निरीक्षक और डीएम से एनओसी लेने की अनिवार्यता की गई। संबंधित गाइड लाइंस नहीं जारी हुई। ऐसी स्थिति में मान्यता का रिन्यूवल आवेदन फार्म नहीं भरा जा सका। आवेदन की अंतिम तारीख 31 जनवरी निर्धारित थी। तय समय पर आवेदन नहीं होने से स्कूल प्रबंधन को 50 हजार रुपये फीस देनी पड़ती। इसके बाद प्रतिमाह के हिसाब से 25-25 हजार रुपये अतिरिक्त लेट फीस जमा कराने का प्रावधान था। नई नियमावली को लेकर विद्यालय प्रबंधन काफी चिंतित थे। पिछले सप्ताह ही इसे लेकर प्रबंधकों की बैठक भी हुई इसमें नियम को अव्यवहारिक बताया गया। अब बोर्ड ने इसमें राहत देकर विद्यालय प्रबंधकों को बड़ी राहत दी है।
बोर्ड ने मान्यता रिन्यूवल को लेकर नई गाइड लाइंस जारी की है। इसके तहत डीएम से एनओसी की बाध्यता में राहत दी गई है। अब डीआईओएस से ही एनओसी लेकर आवेदन फार्म भरा जा सकेगा।
अजय शाही, अध्यक्ष गोरखपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन