गोरखपुर। कोहरे के मद्देनजर सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम में पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन जुटा है। उसी कड़ी में सभी पेट्रोलमैन, कीमैन, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, सेक्शन इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर को जीपीएस ट्रैकर मुहैया कराए गए हैं। जीपीएस ट्रैकर के जरिए कीमैन, पेट्रोलमैन की आपातकाल में सहायता मिलेगी। साथ ही उनके काम को चेक भी किया जा सकेगा। जीपीएस ट्रैकर में दो इमरजेंसी बटन लगे होते हैं। एक बटन आपातकाल के समय इस्तेमाल किया जाता है।
ट्रैक में कोई खराबी जैसे रेल फ्रैक्चर आदि या कीमैन, पेट्रोलमैन को कोई व्यक्तिगत हानि की दशा में उस बटन को दबाने पर एक इमरजेंसी संदेश संबंधित पीडब्लयूआई व इमरजेंसी कंट्रोल को जाएगा। जीपीएस आधारित होने के कारण पेट्रोलमैन का लोकेशन भी पता लग जाएगा और उस तक सहायता पहुंचाई जा सकेगी। कीमैन, पैट्रोलमैन ने पेट्रोलिंग की या नहीं, यह भी इस ट्रैकर से पता किया जा सकेगा। सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि एनईआर में ऐसे लगभग 2500 ट्रैकर रेल कर्मचारियों को दिए गए हैं।