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अपराजिता: सेहत की पाठशाला में छात्राओं को सुझाव, आज झिझक की तो कल बड़ी बीमारी

Sat, 15 Dec 2018 12:49 AM IST
kapil sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। बेटियों में 12 से 13 वर्ष की उम्र में हार्मोनल बदलाव काफी तेज होते हैं। छरहरी दिखने के लिए इस उम्र में लड़कियां खानपान सीमित कर देती हैं। टीवी और मोबाइल में ज्यादा समय बीतता है। इस बीच में शुरू हुई माहवारी उन्हें तनाव में डाल देती है। वहीं झिझक इस बारे में बात करने से रोकती है। यह खतरनाक है।
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झिझक तोड़ें, मां-बड़ी बहन से खुलकर बोलें। दर्द और रक्तस्राव स्वभाविक है पर ज्यादा होने लगे तो बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। फौरन चिकित्सक से परामर्श लें। ऐसा करने से फौरन राहत तो मिलेगी ही, जीवन भर की दिक्कतों से बच जाएंगी।

ये अहम सुझाव शाही ग्लोबल हॉस्पिटल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा शाही ने चंद्रकांति देवी रमावती देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेहत की पाठशाला में छात्राओं को दिए। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से महिला सशक्तिकरण को लेकर छेड़ी गई मुहिम ‘अपराजिता’ के मंच से वे शुक्रवार को छात्राओं से रूबरू थीं।
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डॉ. शाही ने छात्राओं को न सिर्फ सेहत को लेकर प्राथमिक स्तर पर होने वाली समस्याओं के बारे में बताया बल्कि उन्हें शर्म और झिझक को दूर करने की सलाह भी दी। कहा कि कभी-कभी छात्राएं संकोच कर लेती हैं और जानकारी के अभाव में छोटी सी समस्या बड़ी बीमारी का स्वरूप ले लेती हैं।

उन्होंनेे कहा कि खानपान पर ध्यान न देेने से थॉयराइड होने का भी खतरा होता है। इसका सबसे बेहतर इलाज है कि खुद को व्यस्त रखें, भागदौड़ करें और खानपान संतुलित रखें। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अर्पणा मिश्र ने अमर उजाला की ‘अपराजिता’ मुहिम की सराहना की। इस अवसर पर प्रबंधक रामरक्षा पांडेय, गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. राम मनोहर पाठक, डॉ. रेखा रानी सिंह भी मौजूद रहीं।

इनका रहा सहयोग

आयोजन में कॉलेज की उप प्राचार्य विजय लक्ष्मी मिश्रा, सुमन सिंह, श्वेता वर्मा, रेखा श्रीवास्तव, ममता, अनुराधा, प्रिया, शालू, आशा, पवन, विकास, रुचि, दिव्या, शालिनी, पूजा ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

बोली बेटियां

छोड़ी झिझक, अब खुलकर बोलेंगे
हमने संकल्प लिया है कि भविष्य में शर्म छोड़ कर घरवालों को अपनी पीड़ा के बारे में खुलकर बताएंगे। छात्राओं को बेहतर जानकारी देने वाला यह आयोजन वाकई शानदार है।
- निधि गौड़

खानपान में लापरवाही नहीं करेंगे
अब खानपान को लेकर लापरवाही नहीं बरतेंगे। डॉक्टर ने कई समस्याओं के समाधान को लेकर जानकारी दी है जिससे हम लोग भी जूझते हैं। ऐसे सलाह उपयोगी होंगे।
- प्रिया कुशवाहा

दुष्परिणामों की जानकारी नहीं थी
परेशानियां तो सह लेते थे लेकिन इसके दुष्परिणामों की जानकारी नहीं थी। डॉक्टर ने बहुत अच्छे सुझाव दिए हैं। उनकी यह जानकारी सहेलियों से भी साझा करूंगी।
प्रतिमा शर्मा

ऐसे आयोजन बराबर होने चाहिए
सेहत की पाठशाला में बहुत ही उपयोगी जानकारी मिली है। ऐसे आयोजन बराबर होने चाहिए। इससे आत्मसात करने से हर लड़की को फायदा होगा। अमर उजाला को धन्यवाद देती हूं।
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- शिवांगी मिश्रा


 
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