भाजपा कार्यालय पर पसरा सन्नाटा
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गोरखपुर। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों से भाजपाई निराश हैं। इसी का नतीजा रहा कि बेनीगंज स्थित दफ्तर पर मंगलवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। देर रात तक कोई पदाधिकारी या नेता दफ्तर नहीं पहुंचा। दफ्तर में ताला बंद मिला। ज्यादातर पदाधिकारी नतीजों पर नजर गड़ाए रहे और मध्य प्रदेश में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर को देखते रहे। हालांकि कुछ नेताओं ने पार्टी के कार्यक्रम के हिसाब से पदयात्रा की और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाकर जनता से समर्थन मांगा लेकिन चुनावी नतीजों पर बयानबाजी से बचते रहे।
नतीजों का केंद्र की राजनीति पर असर नहीं
तीन राज्यों में भाजपा की सरकार थी। राज्य स्तरीय चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। इससे केंद्र की राजनीति को कोई लेना देना नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा जरूर जीतेगी। मध्य प्रदेश में 15 साल की सरकार रही, फिर भी कड़ा मुकाबला हुआ। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस जरूर जीती है लेकिन इसके बड़े मायने निकालना ठीक नहीं है।
- डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा गोरखपुर क्षेत्र
लोकसभा चुनाव में भी हारेगी भाजपा
भाजपा की गलत नीतियों से जनता त्रस्त है। आगामी लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। विपक्ष एकजुट है। सरकार की गलत नीतियों की जानकारी जनता को दी जाएगी और समर्थन मांगा जाएगा। आगामी लोकसभा चुनाव के नतीजे भी भाजपा के खिलाफ होंगे, यह भाजपा जान चुकी है। अब सांप्रदायिक तनाव पैदा करके चुनाव जीतने की कोशिश होगी लेकिन कोई फायदा नहीं मिलेगा।
- हरेंद्र यादव, महानगर अध्यक्ष बसपा