गोरखपुर। गोलघर स्थित गांधी आश्रम अब साड़ी संग्रह के लिए भी जाना जाएगा। यहां कांजीवरम साडियां भी मिलेंगी। तमिलनाडु स्थित ओरम पल्लयम सर्वोदय संघ के साथ हुए करार के तहत इन साड़ियों की पहली खेप गांधी आश्रम आ भी चुकी है। गांधी जयंती के उपलक्ष्य में इनपर 20 फीसदी छूट भी मिलेगी।
रेशम के धागों से तैयार की जाने वाली कांजीवरम साड़ियों की खासियत इनकी हाथ से की गई कताई और बुनाई है। एक साड़ी करीब 15 दिन में तैयार होती है। इस वजह से इनकी कीमत सामान्य साड़ियों के मुकाबले अधिक होती है। फिलहाल गांधी आश्रम ने छह हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक रेंज मंगाई है। गांधी आश्रम में अब कांजीवरम ही नहीं बंगाल, कटक, कोच्चमपल्ली, बालूचेरी, जामदानी, बंगलौरी सिल्क की साड़ियां भी उपलब्ध हैं। पिछली गांधी जयंती की तरह इसबार भी वाराणसी की मूंगा सिल्क की साड़ियां मंगाई जा रही हैं। 40-50 हजार की ये साड़ियां भी पसंद की गई हैं।
कुर्ता और सदरी भी: गांधी आश्रम में पुरुषों के लिए रेशम के कुर्ते, सदरी और शर्ट के तमाम विकल्प उपलब्ध हैं। इसके अलावा कॉटन, पॉलीखादी के कपड़ों की भी बड़ी रेंज है।