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स्वच्छ भारत समर्थ भारत की आधारशिला : चिन्मयानंद

Fri, 28 Sep 2018 12:56 AM IST
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ के श्रद्धांजलि समारोह में बोले स्वामी चिन्मयानंद। - फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। केंद्र में गृह राज्य मंत्री रह चुके स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि भारत आचार विचार का देश है। हम ईश्वर द्वारा रचित भारत भूमि के निवासी हैं। धर्म-आध्यात्म हमारी पहचान है। स्वच्छता हमारी इसी आध्यात्मिक विरासत की देन है। स्वच्छता से तन-मन के साथ-साथ हमारे आसपास का परिवेश भी शुद्ध होता है। शुद्ध वातावरण से हम अनेक बीमारियों से बच सकते हैं। स्वच्छ भारत समर्थ भारत की आधारशिला है।
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महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में ‘स्वच्छ भारत समर्थ भारत की आधारशिला’ विषयक गोष्ठी में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लाल किले से 15 अगस्त 2014 को स्वच्छता के लिए आह्वान किया तो बहुतों को यह समझ में नहीं आया कि यह स्वच्छता अभियान समर्थ भारत अभियान का श्रीगणेश है। कहा कि जिंदगी बंदगी बन सके, इसके लिए गंदगी के खिलाफ स्वच्छता को जनआंदोलन बनाना होगा। तीर्थ, देवस्थान, चिकित्सालय, विद्यालय, स्टेशन सहित सभी स्थानों को सुंदर रखने की जिम्मेदारी जनता की है। स्वच्छता को हमें अपने आचरण का हिस्सा बनाना होगा।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र के अध्यक्ष प्रो. नरेश प्रसाद भोक्ता ने कहा कि किसी भी रोग के मूल में गंदगी है। सभी रोगों के जीवाणु गंदगी में होते हैं। समर्थ राष्ट्र की आधारशिला जनता है। स्वस्थ युवा ही स्वस्थ्य राष्ट्र का आधार है। अच्छे स्वास्थ्य की गारंटी स्वच्छता ही है। उन्होंने बताया कि पांच हजार वर्ष पूर्व मोहनजोदड़ों और हड़प्पा के नगर स्वच्छता के प्रतीक हैं। इस अवसर पर डॉ. रामकमलदा वेदांती, ब्रह्मचारी दास लाल, प्रो. यूपी सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सुरेश दास, विद्या चैतन्य, शिवनाथ, महंत गंगा दास, महंत प्रेमदास आदि मौजूद थे।
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