सिद्धार्थनगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को प्राइवेट डॉक्टरों ने इमरजेंसी छोड़कर सभी सेवाएं ठप रखकर नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का विरोध किया। संगठन की जिला इकाई के अध्यक्ष के आवास पर हुई बैठक में बिल को अलोकतांत्रिक और गरीबों के विरुद्ध में करार दिया गया। तय हुआ कि बिल पास हुआ तो देश व्यापी आंदोलन के तहत चिकित्सक सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।
आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. एमपी कसौंधन के आवास पर हुई बैठक में वक्ताओं ने बिल का विरोध किया। कहा कि यह बिल गरीबों के विरुद्ध, संघीय विरोधी, पिछड़े समुदाय विरोधी व अमीरों को रास आने वाला है। इससे केंद्र सरकार अधिकारों को केंद्रीकृत करना चाह रही है। जिला सचिव डॉ. आफरीन अतहर ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्र चिकित्सा आयोग का गठन पूर्णत: अलोकतांत्रिक है। इसमें तीन की जगह 10 सदस्यों के समूहबद्ध किए जाने की सिफारिश को भी अस्वीकार किया गया है। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष डॉ. नसीम अहमद डॉ. विमल द्विवेदी, डॉ. एके झा, डॉ. स्कंध मिश्रा, डॉ. उजेर अतहर, डॉ. चंद्रेश उपाध्याय, डॉ. सलोनी उपाध्याय, डॉ. कहकशा, डॉ. एके तिवारी, डॉ. ओपी श्रीवास्तव, डॉ. अब्दुल्ला आदि मौजूद रहे।