गोरखपुर। घर संभालने का दावा करने वाले पुरुष परिवार नियोजन के लिए महिलाओं के सहारे हैं। बच्चा न चाहने पर ये खुद की नसबंदी कराने से बचते हुए पत्नी के ऑपरेशन को तरजीह दे रहे हैं। आलम यह है कि इस वर्ष तीन महीने के दौरान स्वास्थ्य महकमा परिवार नियोजन के तय लक्ष्य का महज 12 फीसदी ही हासिल कर सका है।
इस वर्ष जिले में करीब 10 हजार लोगों की नसबंदी का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को मिला है। अप्रैल से जून के बीच सिर्फ तीन पुरुष ही आगे आए। वहीं, इस दौरान नसबंदी कराने वाली महिलाओं की संख्या 1199 रही।
कैंप न लगने से पिछड़े
जिला अस्पताल, तीन रेफरल अस्पताल और 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टर नसबंदी करते हैं। इसके बाद भी लक्ष्य के सापेक्ष पिछड़ने का कारण विभागीय लोग स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष कैंप नहीं लगाना बता रहे हैं।
15 की जगह अब 21 का पखवारा
परिवार नियोजन के लिए पहले 15 दिन का पखवारा चलता था। अब इसे बढ़ा कर 21 दिन कर दिया गया है। वहीं, एक वर्ष में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगभग 20 कैंप लगाए जा चुके हैं।