ठंड के कारण गर्म कपड़े में सिमटकर बैठीं महिलाएं।
- फोटो : Amar Ujala
हिमालय की तराई क्षेत्र से आने वाली हवाओं ने मंगलवार को मौसम का मिजाज और सर्द कर दिया। अधिकतम, न्यूनतम पारा गिरा और गलन भरी सर्दी ने हाड़ कंपा दिया। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि उत्तर-पश्चिम की हवाएं हिमालय की तराई क्षेत्रों से होकर आ रही हैं। वहां बर्फबारी हो रही है। इसका असर सर्दी के रूप में मैदानी और तराई वाले क्षेत्रों में दिख रहा है।
वातावरण में मंगलवार को सुबह की नमी 90 प्रतिशत रिकार्ड की गई। दोपहर की नमी 55 प्रतिशत रही है। इसी का नतीजा रहा कि दिन भर धुंध छाया रहा। धूप के दर्शन तक नहीं हो सके। चार से पांच किलोमीटर प्रतिघंटे रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने कंपकंपी बढ़ाने का काम किया। मौसम विज्ञान विभाग ने जो आंकड़ा जारी किया है, उसके मुताबिक गोरखपुर का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से करीब तीन डिग्री कम है। न्यूनतम पारा 10.9 डिग्री रिकार्ड किया गया है।
डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह और जनवरी के पहले सप्ताह में ज्यादा ठंड पड़ने की उम्मीद है। गोरखपुर और उसके आसपास के जिलों में ताल, तालाब ज्यादा हैं। इस वजह से घना कोहरा छाता है। मैदानी क्षेत्रों में मध्यम कोहरा रहता है। शीत लहर चलती है। इससे सर्दी बढ़ती है।