दीमकरोधी दवा के छिड़काव में ठेकेदार के कर्मचारियों की लापरवाही से कई लोगों की जान पर बन आई। अधिक मात्रा में दवा छिड़क दिए जाने से चार लोग बेहोश हो गए। जिला अस्पताल में इलाज के बाद दो को छुट्टी दे दी गई, जबकि दो भर्ती हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
सिटी मॉल रोड स्थित एस्प्रा शोरूम में दीमक के उपचार के लिए संचालकों ने ठेका दिया था। रविवार को बंदी के दिन ठेकेदार के कर्मचारियों ने दवा छिड़कना शुरू किया। मानक से अधिक मात्रा में दवा डाले जाने से तेज दुर्गंध फैली। वहां देखरेख व अन्य कार्यो में लगे शोरूम के कुछ कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो अफरातफरी मच गई। सभी छत की ओर भागे। इस बीच कुछ को उल्टी आने लगी। अन्नू (18), मलेश (22), हरिनंदन और सत्यम वर्मा अचेत होकर गिर पड़े। तभी शोरूम संचालकों ने तत्परता दिखाते हुए फायर ब्रिगेड बुला ली। तुरंत बचाव कार्य शुरू कराया। ग्राउंड फ्लोर पर बेहोश कर्मचारियों को फौरन अस्पताल भेजा गया। इनमें से हरिनंदन और सत्यम को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बाकी दो के लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने एहतियातन भर्ती कर लिया।
एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा, इंस्पेक्टर कैंट मनोज पाठक और सीएफओ भी आ गए। चूंकि भूतल पर दवा के कारण गैस फैली हुई थी इसलिए छत पर जा चुके लोगों को दमकल कर्मियों ने स्काई लिफ्ट की मदद से उतारा गया। लिफ्ट में खराबी आई तो इस बीच लोगों को गैस मास्क लगाकर बाहर लाया गया। करीब एक घंटे के बचाव में अन्य सभी सुरक्षित निकाल लिए गए। उन्होंने शोरूम संचालकों और दमकल कर्मियों की तत्परता की सराहना की।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने भी बताया कि यदि लोग देर तक फंसे रह जाते तो जान को खतरा हो सकता था। कीटनाशक विशेषज्ञ रजनीकांत ने बताया कि खराब गुणवत्ता के कीटनाशक से ज्यादा दुर्गंध उठती है। इस मामले में भी ऐसा हुआ होगा।
शोरूम संचालक अतुल सराफ ने बताया है कि ठेकेदार की लापरवाही से ऐसी स्थिति आई। एहतियातन साफ-सफाई कराने के लिए कल सोमवार को शोरूम बंद रखा जाएगा।
जब अटक गई लिफ्ट
बचाव में दिक्कत तब आई जब छत पर फंसे कुछ लोगों को उतारने के बाद स्काई लिफ्ट नीचे नहीं लाई जा सकी। कुछ दमकलकर्मी भी ऊपर ही टंगे रहे। बाद में विशेषज्ञ से बात करके आपरेटर लिफ्ट नीचे कर सका। यह दिक्कत इसलिए आई कि लिफ्ट का नियमित आपरेटर अवकाश पर था।