फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिड़ियाघर के निर्माण में धांधली

विज्ञापन
निर्माणाधीन चिड़ियाघर का निरीक्षण करत मंत्री। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
गोरखपुर। गोरखपुर चिड़ियाघर के निर्माण कार्य में धांधली की आशंका जताते हुए वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी ने शुक्रवार को एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री ने वन अधिकारियों, कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फाइल के साथ लखनऊ तलब किया है। उन्होंने कार्य में देरी, गुणवत्ता और मानक सही न मिलने पर नाराजगी भी जताई है।
विज्ञापन


चिड़ियाघर के निर्माण को वर्ष 2007 में मंजूरी मिली थी। 124 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी गई। 88 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ, मगर निर्माण कार्य 2011 में शुरू हो सका। अब तक के करीब 45 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी पर्याप्त काम नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता संदेह के घेरे में है। इस पर वन राज्यमंत्री ने शुक्रवार को तमाम सवाल-जवाब भी किए। मंत्री ने कहा कि 88 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बढ़ाकर 113 करोड़ का कर दिया गया है। जितना बजट है, उस हिसाब से काम नहीं हो रहा। इसकी जांच-पड़ताल जरूरी है। इसके जरिये अफसर, ठेकेदार की भूमिका जांची जाएगी। अब तक खर्च बजट का हिसाब-किताब लिया जाएगा। इससे पहले राज्यमंत्री ने सर्किट हाउस में विभागीय अफसरों के साथ समीक्षा मीटिंग की। साथ ही भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन को चुस्त-दुरुस्त रखने की बात कही। राज्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना भी की है।

पौधरोपण का सत्यापन कराएंगे मंत्री
वन, उद्यान अधिकारियों के साथ राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की। बाद में मंत्री ने कहा कि गोरखपुर रेंज में 98 प्रतिशत पौधरोपण हो चुका है। इसकी रिपोर्ट भी मिली है। अब पौधरोपण का स्थलीय परीक्षण कराया जाएगा। गोरखपुर में 297 हेक्टेयर जमीन पर दो लाख 94 हजार पौधे लगाए गए हैं। इससे पहले समीक्षा के दौरान राज्यमंत्री ने रिकार्ड मांगना शुरू किया तो वन विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारी इधर-उधर झांकने लगे। बगवानी की स्थिति बेहद खराब मिली। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और गोरखपुर परिक्षेत्र के डिप्टी डायरेक्टर को फटकार भी लगाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें