गोरखपुर। कांवड़ यात्रा के चलते लखनऊ रूट पर डायवर्जन शुक्रवार की देर रात खत्म हो गया। शनिवार की सुबह से सभी बसें अपने निर्धारित रूट से चलने लगेंगी। हालांकि टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग अभी शुरू नहीं हुई है।
रूट डायवर्ट होने से शुक्रवार को भी बसें पांच से सात घंटे की दूरी से पहुंचीं। ऑनलाइन टिकट लेकर आए यात्री सफर नहीं कर पाए। कंडक्टरों ने उन्हें लौटा दिया। लखनऊ और नई दिल्ली जाने वाली एसी बसें आजमगढ़ और अंबेडकरनगर के रास्ते चलीं। स्कैनिया से सफर करने वाले यात्रियों को 780 रुपये की जगह 1104 रुपये किराया देना पड़ा, जबकि शताब्दी बसों में डायवर्जन के बाद 482 की जगह 538 रुपये किराया लगा। बढ़ा किराया लेकर यात्रियों और कंडक्टर में कहासुनी भी हुई। गुरुवार को स्कैनिया का किराया नहीं बढ़ा था, लेकिन शुक्रवार को किराया बढ़ने पर कुछ यात्रियों ने विरोध किया। गोरखपुर डिपो के एआरएम आरके मंडल ने बताया कि शाम तक एसी बसों को चलाने में दिक्कतें आईं। डायवर्जन रात में खत्म हो गया। बसों को बस्ती, फैजाबाद के रास्ते भेजा गया।
रोडवेज को 15 लाख का नुकसान
रूट डायवर्ट होने से बसें आजमगढ़ के रास्ते चलीं, जबकि कुछ बसों को गोंडा, डुमरियागंज के रास्ते भेजा गया। वहीं एसी बसें दो दिन नहीं चलीं। सामान्य यातायात प्रभावित होने से रोडवेज को करीब 15 लाख का नुकसान हुआ है।