कुशीनगर। कप्तानगंज कस्बे के आजाद चौक स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शुक्रवार को कराए जा रहे निर्माण कार्य को प्रशासन ने रोक दिया। खफा साधू-संतों ने जमीन के कागजात के साथ एसडीएम व एसओ से मुलाकात की लेकिन अफसरों ने निर्माण कार्य कराने की अनुमति नहीं दी। इस बात को लेकर प्रशासनिक अफसरों व पूर्व विधायक शंभू चौधरी के बीच नोकझोंक भी हुई। नाराज साधू-संत दोपहर बाद मंदिर परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठ गए। देर शाम रामकोला विधायक की पहल पर संतों ने आंदोलन खत्म कर दिया।
आजाद चौक स्थित हनुमान मंदिर की जमीन को लेकर सटे स्थित चाय के एक दुकानदार से विवाद है। शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे मंदिर से जुड़े लोग कुछ निर्माण कार्य करा रहे थे। इसकी जानकारी होने पर थानाध्यक्ष आर के यादव मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को रोक दिया। इसके बाद मंदिर के महंथ अवध बिहारी दास उर्फ पंजाबी बाबा व पूर्व विधायक शंभू चौधरी के साथ कई लोग तहसील पहुंचे और एसडीएम प्रमोद कुमार से बात कर निर्माण कार्य रोके जाने की वजह पूछी। एसडीएम ने मंदिर निर्माण का आदेश नहीं होने की वजह बताते हुए कार्य पर रोक लगाने की बात कही। पूर्व विधायक शंभू चौधरी ने कहा कि 20 सितंबर 1952 को बलभद्र सिंह पुत्र सामा सिंह ने श्री ठाकुर रामजानकी जी महराज के पक्ष में इस जमीन का रजिस्टर्ड बैनामा किया था। तब से अब तक वहां झोपड़ी में हनुमान जी का मंदिर है। दोनों पक्ष अपना-अपना तर्क रख रहे थे। इस बात को लेकर पूर्व विधायक व अफसरों के बीच नोकझोंक भी हुई। निर्माण कार्य रोके जाने से नाराज साधू-संतों ने दोपहर बाद महंथ पंजाबी बाबा की अगुवाई में मंदिर परिसर में अनिश्चित कालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। देर शाम रामकोला के विधायक रामानंद बौद्ध मौके पर पहुंचे और साधु-संतों को समझा-बुझाकर अनशन खत्म कराया। विधायक ने आश्वासन दिया कि 30 जून के बाद मामले का सर्वमान्य हल निकालकर मंदिर का निर्माण शुरू कराया जाएगा।