विवेक सिंह
गोरखपुर।
गोरखपुर और आस-पास में रहने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है। आने वाले समय में उन्हें नौकरी के लिए बाहर का रुख नहीं करना होगा। आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) और खाद कारखाने से गोरखपुर में सात हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए जल्द ही तृतीय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और टेक्निकल स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। इससे संबंधित ब्यौरा सेवायोजन दफ्तर से तलब किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में एम्स और फर्टिलाइजर की नींव रखी थी। इसके साथ ही ऐलान किया था कि एम्स, खाद कारखाने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। पूर्वांचल के युवाओं को यहीं रोजगार मिल सकेगा। उन्हें दूसरे शहर या फिर राज्य नहीं जाना पड़ेगा। नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्वांचल के युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी। अब इस दिशा में काम शुरू हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय (14, 15 जून) दौरे के दौरान सेवायोजन दफ्तर के अफसरों ने रोजगार से संबंधित आंकड़े रखे थे। बताया था कि एम्स और खाद कारखाने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। संस्थानों की तरफ से बीटेक, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, पैरामेडिकल स्टॉफ, नर्सेज, फॉर्मासिस्ट, कंपाउडर के साथ सिक्योरिटी गार्ड के लिए रजिस्टर्ड बेरोजगारों की सूची मांगी गई है।
बंद 15 चीनी मिल चलीं तो 13 हजार को नौकरी
सीएम को रोजगार सृजन से दी गई रिपोर्ट में गोरखपुर मंडल में बंद पड़ी 15 चीनी मिलों से 13 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज में इन चीनी मिलों को खोलने के लिए शासन की ओर से प्रयास चल रहा है। इनके दोबारा चलने से चारों जिलों में 13 हजार युवाओं को नौकरी मिल सकेगी।
72 हजार बेरोजगार रजिस्टर्ड
गोरखपुर में 72 हजार बेरोजगार रजिस्टर्ड हैं। इनकी शिक्षा दसवीं, बारहवीं, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन है। बीटेक और एमबीए डिग्रीधारी भी बेरोजगारों की जमात में शामिल हैं।
सीएम के आगमन पर मंडल में होने वाले रोजगार सृजन से अवगत कराया गया है। पूरे मंडल में 20 हजार युवाओं कोे एम्स, खाद कारखाना और चीनी मिलों में रोजगार मिलेगा।
- अखंड प्रताप सिंह, सहायक निदेशक, रोजगार दफ्तर