गोरखपुर।
जिले में पटाखे फोड़ने के
दौरान 114
लोग
जख्मी हो गए। इनमें से 45
लोगों
को जिला अस्पताल में रोका गया
बाकी को मलहम पट्टी कर घर भेज
दिया गया। करीब 9
लोगों
की हालत ज्यादा गंभीर होने
की वजह से उन्हें मेडिकल कॉलेज
रेफर किया गया।
अनार,
चरखी
जैसे सामान्य पटाखे भी खतरनाक
साबित हुए हैं। जिले में पटाखे
से जले अधिकतर लोग अनार चरखी
को दोबारा जलाने के चक्कर में
फट जाने की वजह से घायल हुए
हैं। दिवाली में पटाखे से जलने
की वजह से कई लोगों का त्योहार
बर्बाद हो गया। सबसे ज्यादा
परेशानी अनार आदि से जलने
वालों को हुई। चूंकि यह कम
उम्र के बच्चे थे। जिला अस्पताल
में बेहतर व्यवस्था होने की
वजह से लोगों को ज्यादा परेशान
नहीं होना पड़ा। इमरजेंसी
में आते ही उन्हें उपचार मिल
गया। वहीं करीब 9
लोग
बुरी तरह से जख्मी थे जिन्हें
मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा
है। डॉक्टरों के मुताबिक
ज्यादातर जले बच्चे यही बता
रहे थे अनार या चरखी फोड़ने
के दौरान पट जाने की वजह से वह
घायल हुए हैं। यह माना जाता
है कि चरखी और अनार सुरक्षित
पटाखे होते हैं मगर इस साल
इनके अचानक फटने की वजह से लोग
ज्यादा जख्मी हुए हैं।