गोरखपुर। रेलवे के जनरल टिकट अब स्टेशन परिसर और सफर के दौरान नहीं बनाए जा सकेंगे। सर्कुलेटिंग एरिया और रेलवे ट्रैक से 50 मीटर के दायरे में मोबाइल एप काम नहीं करेगा। जालसाजी पर नकेल कसने के लिए रेलवे यह व्यवस्था अक्तूबर से शुरू करने की तैयारी में है। इसके साथ ही अब टिकट बुक कराने के बाद स्टेशन जाकर प्रिंट लेने की जरूरत भी नहीं होगी। मोबाइल पर आए मैसेज को दिखाकर सफर किया जा सकेगा।
विगत छह फरवरी को पूर्वोत्तर रेलवे के पांच स्टेशनों पर ‘यूटीएस ऑनलाइन एप’ लांच किया गया था। एप की मदद से यात्रियों को घर बैठे जनरल टिकट बुक कराने की सुविधा दी गई है। अभी तक टिकट बुक कराने के बाद स्टेशन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन या काउंटर घर से प्रिंट टिकट लेना होता था। नई व्यवस्था को शुरू करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के सभी रेल खंडों के स्टेशन और ट्रैक को जीपीएस से कनेक्ट कर सेफ्टी फीचर को मोबाइल एप में अपलोड किया जा रहा है।
इन स्टेशनों पर है सुविधा
गोरखपुर, छपरा, लखनऊ, वाराणसी, मंडुआडीह
ऐसे बुक होगा टिकट
मोबाइल पर ‘यूटीएस आनलाइन एप’ डाउनलोड करके एक आईडी बनानी होगी। मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद 150 से 5000 रुपये तक रीचार्ज कर सकेंगे। उसी रीचार्ज से जनरल टिकट बनेंगे। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भी टिकट बनाने की सुविधा है। बुक कराते समय सबसे पहले जिस स्टेशन से सफर करेंगे वह जिस मंडल के तहत आता है उसके ऑप्शन को भरना होगा। उदाहरण के तौर पर गोरखपुर से यात्रा शुरू करनी है तो लखनऊ मंडल पहले भरना होगा इसके बाद आए आप्शन में गोरखपुर टाइप करते ही डिटेल आएगा।