आज से तीन दिन दफ्तरों, कॉलेजों में हड़ताल
न्यू पेंशन योजना के विरोध में मुखर हुए शिक्षक-कर्मचारी
रेलकर्मियों ने मशाल जुलूस निकाला, शिक्षकों ने यूनिवर्सिटी में धरना दिया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। न्यू पेंशन स्कीम को वापस लेकर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग लेकर शिक्षक व कर्मचारी संगठनों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को जगह-जगह धरना, सभा और मशाल जुलूस निकाला गया। पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे बड़े संगठन एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने जहां मशाल जुलूस निकाला, वहीं गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध महाविद्यालयों की यूनियन गुआक्टा ने धरना दिया। आंदोलन के समर्थन में उतरे शिक्षक व कर्मचारी यूनियन बुधवार से सभी सरकारी दफ्तरों और स्कूल, कालेजों में तीन दिन तक कार्य बहिष्कार करेंगे। ऐसे में सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी और पढ़ाई भी बाधित होगी।
नरमू ने जुलूस निकाल कर विरोध जताया
गोरखपुर। एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने यांत्रिक कारखाना गेट से असुरन चौक स्थित जय प्रकाश नारायन चौक मशाल जुलूस निकाला। आंदोलन के तहत बुधवार को कारखाना गेट से एनपीएस की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली जाएगी।
जुलूस का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय महामंत्री केएल गुप्ता ने कहा कि अगर न्यू पेंशन स्कीम का निर्णय वापस नहीं लिया जाता है तो लोकसभा चुनाव में इसका नतीजा राजनीतिक दलों को भुगतना पड़ेगा। महामंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन स्कीम का विधेयक पास करने वाले नेता अपना पेंशन इसके दायरे में लाएं। दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। संयुक्त महामंत्री प्रदीप कुमार दुबे ने कहा कि देश में दो बड़े राजनीतिक दल हैं और इनके श्रम संगठन लड़ाई को दिशाविहीन करना चाहते हैं। मंडल महामंत्री दिलीप धर दुबे ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के हित में है। जुलूस में मंडल अध्यक्ष हरिश्चंद्र यादव, संजय कुमार पांडेय, जनार्दन प्रजापति, मुकेश मल्ल, रवि शंकर प्रसाद, सुनील कुमार यादव, नंद मोहन सिंह, प्रभाकर यादव, अशोक धर दुबे, अभिमान शाह, विनोद कुमार, राजू यादव, मंगलदास, केके यादव, सुब्रत बाला, राजेश प्रसाद आदि शामिल रहे।
तीन दिन न कलम, न ही चाक छूने का संकल्प
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर जिले के सभी शिक्षक और कर्मचारियों का तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार बुधवार से शुरू होगा। तीन दिन तक शिक्षकों ने न तो कलम और ना ही चाक छूने का संकल्प लिया है। हर तहसील मुख्यालय पर शिक्षक-कर्मचारी 12 बजे से तीन बजे तक धरना देकर प्रशासन को ज्ञापन देंगे। प्रदर्शन का ये क्रम 31 अगस्त तक जारी रहेगा। इस दौरान विद्यालय तो खुलेंगे मगर उनमें पढ़ाई नहीं होगी।
मंच के अध्यक्ष भक्तराज राम त्रिपाठी ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली के मामले में सरकार का रवैया संवेदनहीन है। कई बार इसकी ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया है, मगर हर बार आश्वासन देकर विरोध को शंात कर दिया जाता है। इस बार महासंघ ने आर-पार की लड़ाई लड़ने की ठानी है। सदर तहसील के कर्मचारी कार्य बहिष्कार करते हुए 12 से तीन बजे तक नगर निगम के लक्ष्मीबाई पार्क में धरना देंगे। मंच के संयोजक रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली मंच का संघर्ष हमारे जीवन-मरण का प्रश्न है। पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
गुआक्टा ने दिया समर्थन
शिक्षक और कर्मचारियों के प्रदर्शन को डिग्री कॉलेजों के शिक्षक संघ गुआक्टा ने भी समर्थन दिया है। अध्यक्ष डॉ. एसएन शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर सरकार को ठोस नीति बनाने की जरूरत है। ये सभी कर्मचारियों का अधिकार है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ ने मांग को समर्थन देने का एलान किया है। अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन में शामिल होंगे।