गोरखपुर। अपनी ही दो बच्चियों की हत्या कर झूठा आरोप लगाकर थाने में मुकदमा दर्ज कराने का जुर्म सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र तिवारी ने चौरीचौरा क्षेत्र की सोनमती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड न अदा करने पर एक साल की सजा अलग से भुगतनी होगी। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मोहम्मद जमील का कहना था कि अभियुक्त ने अपनी दोनों बच्चियों निशा और ज्योति को कुएं में फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
इसके बाद पुल से कूद कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। बाद में वास्तविकता छिपाते हुए स्थानीय लोगों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। बताया जाता है कि घटना के पूर्व बच्चों को लेकर सोनमती का अपनी भाभी बबिता से विवाद हुआ था।
बबिता के पिता ने समझाने का प्रयास किया भी था। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर सोनमती को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।