सिद्धार्थनगर। प्रेम और सौहार्द के प्रतीक होली को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। जिले के 2482 स्थानों पर गुरुवार की रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन होगा। किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पुलिस की भी 12 टीमें गठित हैं। यह क्षेत्र में लगातार चक्रमण करते हुए शरारती तत्वों पर कार्रवाई करेगी। इसके अलावा संबंधित थानों की फोर्स, पीआरवी, कोबरा की टीमों को भी भ्रमण करते रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दो मार्च को होली के उत्साह में लोग अभी से सराबोर हो चुके हैं। गुरुवार की शाम होलिका दहन के बाद रंगोत्सव चरम पर पहुंचेगा। रंग, भंग और मस्ती की तरंग के साथ हुड़दंग के त्योहार के रुप में होली की पहचान को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क है। लोग पूरे धूमधाम से मनाएं और खुशियों में कोई खलल न पड़े, इसके लिए हर थाने में शांति समिति की बैठक कर लोगों को आगाह किया जा चुका है। पानी, बिजली, साफ-सफाई की बेहतर सुविधाओं के लिए जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है।
फायर ब्रिगेड, अस्पताल की इमर्जेंसी सेवाओं को भी अलर्ट कर दिया गया है। जिले की पांच तहसीलों में कुल 2482 स्थानों पर होलिका स्थापित हैं। प्रशासन के मुताबिक इस दौरान शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए एसडीएम-सीओ के अलावा प्रत्येक थाना स्तर पर एक-एक मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। ये होलिका दहन के पूर्व से ही सक्रिय हो जाएंगे। एएसपी अरविंद मिश्र ने बताया कि पुलिस की ओर से प्रत्येक थाने की टीम के अलावा लाइन की तीन टीमों के अलावा पांच सीओ, एएसपी, एसपी के नेतृत्व में एक-एक टीम गठित की गई है। प्रत्येक टीम में 10-10 पुलिसकर्मी रहेंगे। शोहरतगढ़ में एक कंपनी पीएसी की तैनाती की गई है, जो किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तत्काल संबंधित क्षेत्र में पहुंचेगी।
सात थाने संवेदनशील
पुलिस ने जिले के सात थाना क्षेत्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। इसमें शोहरतगढ़ सबसे ऊपर है। इसके अलावा त्रिलोकपुर, डुमरियागंज, उसका, जोगिया, खेसरहा व इटवा थाना क्षेत्र भी शामिल हैं। इन थानों को होली पर पूर्व में हुए विवादों के आधार पर संवेदनशील सूची में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में सुरक्षा पर विशेष निगाह रखी जाएगी।
शाम सात बजे के बाद जलेगी होलिका
नगर के तेतरी बाजार निवासी ज्योतिषाचार्य इंद्रासन मिश्र के मुताबिक होली में रंगोत्सव दो मार्च को ही मनाया जाएगा। इससे पूर्व एक मार्च को होलिका दहन का समय है। शाम 7 बजे के बाद होलिका दहन का समय उत्तम है।